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Wednesday, January 7, 2026
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IRFC Stock Jumps: यूनियन बजट से पहले निवेशकों का भरोसा बढ़ा, IRFC-RVNL शेयरों में जबरदस्त उछाल

IRFC Stock Jumps: केंद्रीय बजट आने में अब करीब एक महीने का समय बाकी है और इससे पहले ही शेयर बाजार में रेलवे सेक्टर को लेकर सकारात्मक माहौल बनता दिख रहा है। निवेशकों की नजर खास तौर पर इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (IRFC) और रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) पर टिकी हुई है। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुरुआती कारोबार में ही इन दोनों सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। बीएसई पर IRFC का शेयर करीब 7 प्रतिशत चढ़कर ₹130.50 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि RVNL का शेयर 11.01 प्रतिशत की तेज़ी के साथ ₹383.75 तक पहुंच गया। सुबह 10:30 बजे तक RVNL सत्र का सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला पीएसयू स्टॉक बनकर उभरा और रेलवे पीएसयू सेक्टर में टॉप गेनर रहा।

रेलवे में कैपेक्स बढ़ने की उम्मीद ने बढ़ाया भरोसा

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि रेलवे सेक्टर में सरकार द्वारा पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) को प्राथमिकता दिए जाने की उम्मीदों ने इन शेयरों में नई जान फूंक दी है। पिछले कुछ वर्षों से सरकार रेलवे नेटवर्क के विस्तार, नई लाइनों, स्टेशन पुनर्विकास और आधुनिक रोलिंग स्टॉक पर लगातार निवेश कर रही है। इसी वजह से निवेशकों को भरोसा है कि आगामी बजट में भी रेलवे के लिए बड़ा आवंटन किया जा सकता है। लंबे समय से सीमित दायरे में कारोबार कर रहे IRFC के शेयर अब कैपेक्स बढ़ने की उम्मीदों के चलते ऊपर की ओर बढ़ते दिख रहे हैं। बजट को लेकर बना सकारात्मक माहौल रेलवे सेक्टर के शेयरों में तेजी का एक बड़ा कारण माना जा रहा है।

रेलवे शेयरों में बजट से पहले क्यों आती है तेजी?

इतिहास गवाह है कि हर साल बजट से पहले रेलवे से जुड़े शेयरों में तेजी देखने को मिलती है। इसकी सबसे बड़ी वजह होती है बुनियादी ढांचे पर सरकारी खर्च बढ़ने की उम्मीद। IRFC की भूमिका रेलवे के लिए फंड जुटाने की होती है, चाहे वह नेटवर्क विस्तार हो, नई ट्रेनों की खरीद हो या बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स। ऐसे में अगर बजट में रेलवे का आवंटन बढ़ता है, तो इसका सीधा फायदा IRFC को मिलता है। इसके अलावा, IRFC का बिजनेस मॉडल अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों की तुलना में ज्यादा सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि इसकी आय भारतीय रेलवे के साथ लंबे समय के समझौतों पर आधारित होती है। इससे कंपनी के कैश फ्लो में स्थिरता बनी रहती है और प्रोजेक्ट डिले का जोखिम काफी कम हो जाता है।

IRFC में निवेशकों का भरोसा क्यों बढ़ रहा है?

IRFC को लेकर निवेशकों का भरोसा बढ़ने की एक और बड़ी वजह ब्याज दरों में स्थिरता और उधारी लागत के नियंत्रण की उम्मीद है। इससे कंपनी के मार्जिन और दीर्घकालिक मुनाफे को लेकर पहले जो चिंताएं थीं, वे काफी हद तक कम हो गई हैं। साल 2025 में व्यापक बाजार की तुलना में IRFC के शेयरों ने कमजोर प्रदर्शन किया था और पहले की तेजी के बाद मुनाफावसूली का दबाव भी देखा गया था। हालांकि, इसी वजह से अब इसके वैल्यूएशन निवेशकों को आकर्षक लग रहे हैं। जो निवेशक स्थिर रिटर्न, नियमित डिविडेंड और मजबूत सरकारी समर्थन की तलाश में हैं, उनके लिए IRFC एक भरोसेमंद विकल्प बनकर उभर रहा है। हालिया तेजी इस बात का संकेत है कि निवेशक अब फिर से लंबी अवधि के नजरिए से इन शेयरों में हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं, न कि सिर्फ अल्पकालिक मुनाफे के लिए।

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