BCCL IPO: कोल इंडिया की सहायक कंपनी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) जल्द ही शेयर बाजार में दस्तक देने जा रही है। नए साल 2026 में इसे भारतीय आईपीओ बाजार की सबसे चर्चित और हाई-प्रोफाइल लिस्टिंग माना जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, BCCL का आईपीओ अगले दो हफ्तों के भीतर लॉन्च किया जा सकता है। यह निवेशकों के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि BCCL एक महारत्न श्रेणी की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है। कोयला क्षेत्र में BCCL की मजबूत मौजूदगी और कोकिंग कोल के उत्पादन में इसकी अहम भूमिका इसे रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण बनाती है। ऐसे में इसके शेयर बाजार में आने से PSU सेक्टर के आईपीओ को लेकर निवेशकों का उत्साह बढ़ना तय माना जा रहा है।
मई में दाखिल हुआ था DRHP, बोर्ड में खाली पद बने चुनौती
BCCL ने अपने आईपीओ के लिए इस साल मई महीने में ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) बाजार नियामक सेबी के पास दाखिल किया था। इसके साथ ही यह दस्तावेज BSE और NSE को भी सौंपा गया था। हालांकि, लिस्टिंग प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने में एक प्रशासनिक अड़चन सामने आई है। PTI से जुड़े सूत्रों के अनुसार, BCCL के बोर्ड में स्वतंत्र निदेशकों के छह पद फिलहाल खाली हैं। इन पदों को भरना आईपीओ प्रक्रिया के लिए अनिवार्य माना जा रहा है।
सूत्रों का कहना है कि कोयला मंत्रालय ने इस मुद्दे को कैबिनेट सचिव टी. वी. सोमनाथन के संज्ञान में भी लाया है और आग्रह किया है कि इन खाली पदों को जल्द से जल्द भरा जाए, ताकि कंपनी की लिस्टिंग में किसी तरह की देरी न हो। सरकार की मंशा है कि सभी नियामकीय और कॉर्पोरेट गवर्नेंस से जुड़े मानकों को पूरा करते हुए BCCL को जल्द शेयर बाजार में उतारा जाए।

पूरा आईपीओ होगा OFS, Coal India बेचेगी 10% हिस्सेदारी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, BCCL आईपीओ का अनुमानित आकार करीब 1,300 करोड़ रुपये हो सकता है। इस आधार पर कंपनी का प्री-लिस्टिंग वैल्यूएशन लगभग 13,000 करोड़ रुपये आंका जा रहा है। यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। इसका मतलब यह है कि इसमें कोई भी नया शेयर जारी नहीं किया जाएगा।
कोल इंडिया इस आईपीओ के जरिए BCCL में अपनी लगभग 10 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है। इसके तहत करीब 46.57 करोड़ इक्विटी शेयर बाजार में उतारे जाएंगे। चूंकि यह पूरा इश्यू OFS है, इसलिए आईपीओ से जुटाई गई पूरी रकम कोल इंडिया के खाते में जाएगी, न कि BCCL को। इस कदम का मुख्य उद्देश्य कंपनी की बाजार में भागीदारी बढ़ाना, पारदर्शिता लाना और समय के साथ इसके वैल्यूएशन को और मजबूत करना माना जा रहा है।
प्राइस बैंड का इंतजार, सेबी से पहले ही मिल चुकी है मंजूरी
फिलहाल BCCL आईपीओ से जुड़े कई अहम विवरण सामने आना बाकी हैं। प्राइस बैंड, लॉट साइज और अंतिम इश्यू स्ट्रक्चर को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि, यह तय हो चुका है कि इस आईपीओ के लिए ICICI सिक्योरिटीज और IDBI कैपिटल मार्केट्स एंड सिक्योरिटीज को बुक रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है। वहीं, KFin टेक्नोलॉजीज इस इश्यू की रजिस्ट्रार होगी। गौरतलब है कि सेबी ने सितंबर महीने में ही BCCL के DRHP को मंजूरी दे दी थी, जिससे आईपीओ के रास्ते पूरी तरह साफ हो गए हैं। अब निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कंपनी कब प्राइस बैंड घोषित करती है और बाजार में किस तरह का रिस्पॉन्स देखने को मिलता है। PSU सेक्टर में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए यह आईपीओ नए साल की एक बड़ी अवसर के रूप में देखा जा रहा है।

