भारत की बड़ी त्रि-सेना (थलसेना, नौसेना और वायुसेना) युद्धाभ्यास की तैयारियों ने पाकिस्तान में घबराहट फैला दी है। भारत की इस सैन्य गतिविधि से डरते हुए पाकिस्तान ने अपने कई हवाई मार्ग अस्थायी रूप से बंद कर दिए हैं। पाकिस्तान ने 28 से 29 अक्टूबर तक कई रूट्स पर NOTAM यानी ‘Notice to Air Missions’ जारी किया है, जिसके तहत हवाई उड़ानों पर रोक या दिशा परिवर्तन लागू किया गया है।
किन-किन क्षेत्रों में जारी हुआ NOTAM
पाकिस्तान द्वारा यह NOTAM इस्लामाबाद, लाहौर, रहीम यार खान और नियंत्रण रेखा (LoC) के पास के कई इलाकों में लागू किया गया है। इस्लामाबाद और अफगानिस्तान सीमा क्षेत्र में यह नोटम 28 अक्टूबर को सुबह 7 बजे UTC से 29 अक्टूबर को सुबह 10 बजे UTC तक लागू रहेगा। वहीं लाहौर क्षेत्र में यह प्रतिबंध 28 अक्टूबर को रात 12:01 से लेकर 29 अक्टूबर की सुबह 4 बजे तक रहेगा। यह पाकिस्तान का इस महीने का दूसरा NOTAM है, जो भारत की बढ़ती सैन्य गतिविधियों को लेकर उसकी बेचैनी दिखाता है।
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भारत का त्रि-सेना युद्धाभ्यास ‘त्रिशूल’
भारत 30 अक्टूबर से 10 नवंबर तक अरब सागर में 28,000 फीट ऊंचाई तक का एयरस्पेस आरक्षित कर रहा है। इस दौरान भारतीय थलसेना, नौसेना और वायुसेना संयुक्त रूप से ‘एक्स त्रिशूल’ (Ex Trishul) नामक युद्धाभ्यास करेंगी। यह भारत का प्रमुख त्रि-सेना अभ्यास है जिसका उद्देश्य तीनों सेनाओं के बीच समन्वय, बहु-क्षेत्रीय युद्ध रणनीति और संयुक्त लड़ाकू तैयारी को परखना है। इस अभ्यास में अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों, ड्रोन तकनीक और समुद्री सुरक्षा रणनीतियों का परीक्षण किया जाएगा।
पाकिस्तान की घबराहट और भारत की तैयारी
सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान का यह कदम उसकी बेचैनी को साफ दर्शाता है। भारत का यह सैन्य अभ्यास किसी देश को डराने के लिए नहीं बल्कि अपनी सुरक्षा क्षमता को और मजबूत करने के लिए किया जा रहा है। पाकिस्तान ने पहले भी इसी तरह के प्रतिबंध तब लगाए थे जब भारत ने सीमा क्षेत्रों में एयर ड्रिल्स की थीं। अब जबकि ‘त्रिशूल’ अभ्यास में तीनों सेनाएं एक साथ सक्रिय होंगी, पाकिस्तान ने एहतियातन अपने हवाई क्षेत्र को सीमित कर दिया है।
भारत का सुरक्षा संदेश और रणनीतिक संकेत
भारत का ‘त्रिशूल’ अभ्यास न केवल तीनों सेनाओं की संयुक्त तैयारी का प्रतीक है बल्कि यह दक्षिण एशिया में भारत की रणनीतिक शक्ति का भी संकेत देता है। भारत इस अभ्यास के माध्यम से यह संदेश देना चाहता है कि वह किसी भी परिस्थिति में अपने सीमाई और समुद्री क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। पाकिस्तान का घबराना इस बात का सबूत है कि भारत की रक्षा नीति अब और ज्यादा सशक्त और आत्मनिर्भर दिशा में आगे बढ़ रही है।

