UTTAR PARDESH NEWS(Pockets news): उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री और पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी ने बस्ती में मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव अपने दम पर नहीं बल्कि अपने पिता मुलायम सिंह यादव के नाम पर मुख्यमंत्री बने थे।
हरीश द्विवेदी का कहना है कि मुलायम सिंह यादव ने अपने राजनीतिक संघर्ष के दम पर पहचान बनाई थी और उन्हीं के नाम पर चुनाव जीतने के बाद अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला था। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव चुनाव नहीं लड़ने की बात कहकर अपनी कमजोरियों को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। बीजेपी नेता के मुताबिक उन्हें डर है कि अगर वह चुनाव मैदान में उतरेंगे तो उनकी असली राजनीतिक ताकत सामने आ जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश यादव अपने पिता की राजनीतिक विरासत को संभाल नहीं पाए। उनके मुताबिक मुलायम सिंह यादव जमीन से जुड़े नेता थे और संघर्ष करके आगे बढ़े थे जबकि अखिलेश यादव को राजनीति में शुरुआत से ही परिवार का साथ मिला। द्विवेदी ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी लगातार चुनाव हार रही है और प्रदेश में बीजेपी की सरकार फिर से बनेगी।
बीजेपी की पदयात्रा को लेकर भी उन्होंने अपनी बात रखी। उनका कहना है कि कांग्रेस और विपक्षी दलों की ओर से फैलाई जा रही बातों का जवाब जनता तक पहुंचाने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक देश में 161 जगहों पर पदयात्रा पूरी हो चुकी है और पार्टी का लक्ष्य करीब 800 स्थानों तक यह अभियान पहुंचाना है।
हरीश द्विवेदी ने SIR को लेकर भी विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट में दो जगह नाम होने वाले लोगों के नाम में सुधार होना चाहिए और जिन लोगों की मृत्यु हो चुकी है उनके नाम हटाए जाने चाहिए। उन्होंने दावा किया कि SIR की प्रक्रिया पहले भी अलग अलग समय पर होती रही है।
इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस पर धारा 370 और राम मंदिर जैसे मुद्दों पर विरोध करने का आरोप लगाया। उनके इस बयान के बाद यूपी की राजनीति में अखिलेश यादव और बीजेपी के बीच बयानबाजी एक बार फिर चर्चा में आ गई है।

