INDIA NEWS(Pockets news): SIR और आजम खान की गिरफ्तारी को लेकर जमात ए इस्लामी हिंद ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल खड़े किए हैं। संगठन के उपाध्यक्ष प्रोफेसर मोहम्मद सलीम इंजीनियर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि देश में एक खास समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यशैली से लेकर मस्जिदों पर हो रही कार्रवाई और मणिपुर में जारी हिंसा तक कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।
प्रोफेसर सलीम ने कहा कि इस समय SIR सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है। आने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए लोगों के मन में इसे लेकर काफी चिंता है। उनका दावा है कि SIR की वजह से करीब 13 करोड़ लोगों के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए हैं। इससे चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब लोगों को वोट देने का मौका ही नहीं मिलेगा तो लोकतंत्र पर उनका भरोसा कैसे बना रहेगा।
आजम खान की गिरफ्तारी को लेकर भी उन्होंने सरकार पर निशाना साधा। सलीम इंजीनियर ने कहा कि आजम खान को जमानत मिलने के तुरंत बाद ED के जरिए दोबारा गिरफ्तार किया जाना चिंता की बात है। उनके मुताबिक सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले राजनीतिक विरोधियों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत नहीं बताया।
मुसलमानों को निशाना बनाए जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि आजम खान एक मुस्लिम नेता हैं और इस पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने उमर खालिद और शरजील इमाम जैसे लोगों का जिक्र करते हुए कहा कि कई लोग लंबे समय से जेल में बंद हैं।
सलीम इंजीनियर ने मस्जिदों और दरगाहों पर हो रही कार्रवाई को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर मुस्लिम धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया जा रहा है। दिल्ली की एक मस्जिद और रेस कोर्स मस्जिद के मामले का भी उन्होंने जिक्र किया।
वहीं मणिपुर हिंसा पर उन्होंने कहा कि वहां कई साल से हालात खराब हैं और अब तक हिंसा पूरी तरह नहीं रुक पाई है। उनके मुताबिक राज्य और केंद्र सरकार इस समस्या को रोकने में नाकाम रही हैं। उन्होंने कहा कि मणिपुर के लोगों में सरकार की इच्छाशक्ति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

