back to top
Saturday, October 17, 2026
Homeदेशरिजीम चेंज' पर कांग्रेस-BJP में घमासान, बयानों के तीर तेज; जानें किसने...

रिजीम चेंज’ पर कांग्रेस-BJP में घमासान, बयानों के तीर तेज; जानें किसने क्या कहा?

प्रशांत भूषण के ‘रिजीम चेंज’ यानी सत्ता परिवर्तन वाले बयान के बाद कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। विपक्षी प्रदर्शनों, युवाओं की भूमिका और बांग्लादेश के घटनाक्रम को लेकर दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। केंद्रीय मंत्रियों से लेकर विपक्षी नेताओं तक बयानबाजी लगातार जारी है।

शिवराज सिंह चौहान का राहुल गांधी पर हमला

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्षी प्रदर्शनों को लेकर राहुल गांधी और विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में जनता का समर्थन नहीं मिलने की आशंका के चलते विपक्ष देश में अराजकता और विभाजन का माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है।

शिवराज ने बांग्लादेश के घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि भ्रम, झूठ और अफवाहों के जरिए लोगों को उकसाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने राहुल गांधी पर भी तीखा हमला बोला और कहा कि कुछ लोग देश की शांति भंग करना चाहते हैं, लेकिन भारत में ऐसी कोशिशें सफल नहीं होंगी।

कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने किया पलटवार

कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने प्रशांत भूषण के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की आत्महत्या और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों को देखते हुए सत्ता परिवर्तन की जरूरत है।

उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार विरोध-प्रदर्शनों से क्यों डरती है। वडेट्टीवार के मुताबिक, लोकतंत्र में समस्याओं का समाधान बातचीत और चर्चा के जरिए होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि आंदोलनों को दबाने की कोशिश से असंतोष और बढ़ सकता है।

प्रह्लाद जोशी ने बांग्लादेश मॉडल पर घेरा

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने विपक्ष की सत्ता परिवर्तन की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और यहां सत्ता परिवर्तन का रास्ता चुनाव है।

उन्होंने भारत की तुलना पाकिस्तान, बांग्लादेश या नेपाल जैसे देशों से किए जाने पर आपत्ति जताई। जोशी ने विपक्ष से सवाल किया कि क्या वह बांग्लादेश में चुनी हुई सरकार के पतन जैसी स्थिति भारत में भी देखना चाहता है।

कपिल सिब्बल बोले- सत्ता परिवर्तन जनता चाहती है

राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि सत्ता परिवर्तन कांग्रेस नहीं, बल्कि जनता चाहती है।

सिब्बल ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना नागरिकों का अधिकार है। अगर लोगों को लगता है कि सरकार की नीतियां गलत हैं और संसद में उनकी आवाज नहीं सुनी जा रही, तो उन्हें लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने का अधिकार है।

बयानबाजी के बीच बढ़ी सियासी गर्मी

‘रिजीम चेंज’ का मुद्दा अब सिर्फ प्रशांत भूषण के बयान तक सीमित नहीं रहा है। बीजेपी इसे विपक्ष की कथित अराजक राजनीति और बांग्लादेश जैसे घटनाक्रम से जोड़ रही है, जबकि विपक्ष महंगाई, बेरोजगारी और सरकारी नीतियों को लेकर जनता के असंतोष का मुद्दा उठा रहा है।

ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमाने की संभावना है। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सत्ता परिवर्तन की राजनीति चुनावी लोकतंत्र तक सीमित रहेगी या सड़क पर चल रहे आंदोलनों का मुद्दा आने वाले समय में और बड़ा रूप लेगा?

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments