गुरुग्राम-सोहना एलिवेटेड फ्लाईओवर से सामने आए एक वीडियो ने सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों के पालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में तीन सवारियों की क्षमता वाले ऑटो में 24 से ज्यादा लोग सवार दिखाई दे रहे हैं। दावा है कि ऑटो में सवार युवा खिलाड़ी खेल खत्म होने के बाद सोहना लौट रहे थे।
3-सीटर ऑटो में 24 से ज्यादा लोग
वीडियो में एक छोटे ऑटो रिक्शा में बड़ी संख्या में लोग सवार नजर आ रहे हैं। ऑटो के अंदर तो लोग बैठे ही हैं, इसके अलावा कई लोग पीछे लटके हुए और छत के ऊपर भी दिखाई दे रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, ऑटो की निर्धारित क्षमता तीन सवारियों की है, जबकि वीडियो में 24 से ज्यादा लोग सवार दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि इनमें युवा खिलाड़ी शामिल थे, जो खेल खत्म होने के बाद सोहना की ओर लौट रहे थे।
रात के अंधेरे में फ्लाईओवर पर खतरनाक सफर
वीडियो में यह सफर रात के समय गुरुग्राम-सोहना एलिवेटेड फ्लाईओवर पर होता दिखाई दे रहा है। इतनी अधिक संख्या में लोगों के सवार होने से वाहन का संतुलन बिगड़ने का खतरा बना रहता है।

फ्लाईओवर पर वाहन अपेक्षाकृत तेज गति से चलते हैं। ऐसे में ऑटो का संतुलन बिगड़ने या किसी दूसरे वाहन की हल्की टक्कर की स्थिति में गंभीर दुर्घटना हो सकती थी।
फ्लाईओवर पर ऑटो की एंट्री पर भी सवाल
वीडियो सामने आने के बाद एक और सवाल उठ रहा है कि अगर इस एलिवेटेड फ्लाईओवर पर ऑटो रिक्शा की आवाजाही प्रतिबंधित है, तो यह वाहन वहां तक कैसे पहुंचा।
यदि ऑटो की एंट्री वास्तव में प्रतिबंधित क्षेत्र में हुई थी, तो यह मामला केवल ओवरलोडिंग तक सीमित नहीं रहता, बल्कि प्रतिबंधित मार्ग पर वाहन चलाने और सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन से भी जुड़ जाता है।
नंबर प्लेट दिखाई नहीं देने का दावा
वीडियो में ऑटो के आगे और पीछे नंबर प्लेट स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देने की बात भी कही जा रही है। हालांकि, केवल वायरल वीडियो के आधार पर यह निश्चित रूप से कहना मुश्किल है कि वाहन पर नंबर प्लेट थी या नहीं।
यदि जांच में नंबर प्लेट से जुड़े नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित वाहन और चालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
ट्रैफिक पुलिस की निगरानी पर उठे सवाल
घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोग गुरुग्राम में ट्रैफिक नियमों के पालन और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। सवाल यह भी है कि इतने अधिक लोगों से भरा ऑटो फ्लाईओवर तक पहुंचा तो रास्ते में उसकी जांच क्यों नहीं हुई।
ऐसे मामलों में कार्रवाई केवल जुर्माने तक सीमित रखने के बजाय सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है, क्योंकि ओवरलोडिंग से वाहन का नियंत्रण और संतुलन प्रभावित हो सकता है।
वायरल वीडियो के बाद कार्रवाई की मांग
वीडियो सामने आने के बाद संबंधित चालक और वाहन की पहचान कर कार्रवाई की मांग उठ रही है। अब देखना होगा कि ट्रैफिक पुलिस इस मामले में क्या कदम उठाती है और क्या वाहन के खिलाफ कोई आधिकारिक कार्रवाई की जाती है।
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि कुछ मिनट का सफर बचाने या सुविधा के लिए वाहन की क्षमता से कई गुना अधिक लोगों को बैठाना गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।

