बीजेपी नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने पठानकोट जाते समय अपने काफिले पर हमले का आरोप लगाया है। उनके मुताबिक, काफिले पर पत्थर और अंडे फेंके गए। बिट्टू ने तीन लोगों को पकड़े जाने का दावा करते हुए उनके कथित AAP संबंधों का आरोप लगाया और घटना की जांच की मांग की है।
पठानकोट जाते समय काफिले पर हमले का आरोप
बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि पठानकोट जाते समय उनके काफिले को निशाना बनाया गया। वह बीजेपी की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जा रहे थे।
रिपोर्टों के मुताबिक, कथित घटना बटाला के पास घासीतपुरा गांव में अमृतसर-पठानकोट हाईवे पर हुई। बिट्टू ने दावा किया कि बड़ी संख्या में लोगों ने उनके काफिले को घेरा और वाहनों पर पत्थर तथा अंडे फेंके।
तीन लोगों को पकड़े जाने का दावा
बिट्टू ने दावा किया कि उनकी सुरक्षा टीम ने तीन लोगों को पकड़ा है और आरोप लगाया कि उनका संबंध आम आदमी पार्टी से है। उन्होंने स्थानीय विधायक शैरी कालसी पर भी आरोप लगाया कि कथित तौर पर इन लोगों को उन्हें यात्रा में शामिल होने से रोकने के लिए भेजा गया था।

हालांकि, ये आरोप बिट्टू की ओर से लगाए गए हैं। आम आदमी पार्टी की ओर से घटना को लेकर अलग दावा सामने आया है और उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक दोनों पक्षों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
‘कुछ हुआ तो CM और DGP जिम्मेदार’
रवनीत सिंह बिट्टू ने घटना को राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़ा गंभीर मामला बताया। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें या उनके साथ मौजूद लोगों को कुछ होता है तो पंजाब के मुख्यमंत्री और डीजीपी उनकी सुरक्षा के लिए जिम्मेदार होंगे।
उन्होंने पंजाब सरकार से घटना की तत्काल जांच कराने और राजनीतिक कार्यकर्ताओं व नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने इस मामले को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय और पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को भी जानकारी दी।
आज से शुरू हुई ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब बीजेपी ने पंजाब में ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ शुरू की है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने 18 सितंबर को पठानकोट जिले के माधोपुर से पहली यात्रा को हरी झंडी दिखाई।
बीजेपी के मुताबिक, अभियान के तहत चार यात्राएं पंजाब के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों से गुजरेंगी और कुल करीब 4,000 किलोमीटर की दूरी तय करेंगी। इन यात्राओं का समापन 30 सितंबर को जालंधर में होगा, जहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संबोधन का कार्यक्रम बताया गया है।
नशे के मुद्दे पर बीजेपी का अभियान
नितिन नबीन ने अभियान को पंजाब में नशीली दवाओं के खिलाफ जनजागरूकता और प्रभावित परिवारों से जुड़ने की पहल बताया है। बीजेपी नेताओं ने राज्य में ड्रग्स की समस्या को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं।
वहीं, आम आदमी पार्टी की ओर से सरकार के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को खारिज करते हुए अपने कार्यकर्ताओं के शांतिपूर्ण प्रदर्शन का दावा किया गया है। ऐसे में बिट्टू के काफिले से जुड़ी घटना की आधिकारिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटनाक्रम में वास्तव में क्या हुआ था।
घटना के बाद सुरक्षा पर सवाल
काफिले पर कथित हमले ने पंजाब में राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा और बड़े राजनीतिक कार्यक्रमों के दौरान कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। अब पुलिस जांच में यह सामने आना महत्वपूर्ण होगा कि घटना में कौन लोग शामिल थे, क्या किसी तरह की हिंसा हुई और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या था।

