पंजाब सरकार से मांगों पर बातचीत शुरू नहीं होने से नाराज किसान-मजदूर मोर्चा ने आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। सरवन सिंह पंधेर के मुताबिक 17 सितंबर को पांच जिलों में रेलवे ट्रैक जाम किए जाएंगे। सरकार को बातचीत के लिए दोपहर 12 बजे तक का समय दिया गया है।
सरकार से बातचीत नहीं हुई तो रेल ट्रैक पर उतरेंगे किसान
पंजाब में किसानों और मजदूरों से जुड़े मुद्दों को लेकर किसान-मजदूर मोर्चा ने आंदोलन का अगला चरण घोषित कर दिया है। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने बुधवार को कहा कि यदि पंजाब सरकार ने मांगों पर बातचीत शुरू नहीं की, तो 17 सितंबर को पांच जिलों में ‘रेल रोको’ आंदोलन किया जाएगा।
पंधेर के मुताबिक, किसान-मजदूर मोर्चा के पंजाब चैप्टर की बैठक में यह फैसला लिया गया। उनका कहना है कि सरकार को 17 सितंबर को दोपहर 12 बजे तक बातचीत शुरू करने का अवसर दिया गया है। अगर इस समय से पहले सरकार की ओर से गंभीर बातचीत का प्रस्ताव आता है, तो आंदोलन पर पुनर्विचार किया जा सकता है।
गुरदासपुर से संगरूर तक पांच जिलों में प्रदर्शन
प्रस्तावित ‘रेल रोको’ आंदोलन के तहत गुरदासपुर, अमृतसर, मोगा, फिरोजपुर और संगरूर में रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शन किए जाने की घोषणा की गई है।
पंधेर का कहना है कि किसानों की ओर से पहले ही मुख्यमंत्री को मांग पत्र दिया जा चुका है, लेकिन बातचीत के लिए सरकार की तरफ से अभी तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। इससे पहले मोर्चा राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मंत्रियों और विधानसभा अध्यक्ष के आवासों के बाहर धरने का कार्यक्रम भी चला चुका है।

9 जगहों पर चल रहा धरना
किसान नेता के अनुसार, 31 अगस्त के बाद से मंत्रियों के आवास समेत कुल नौ स्थानों पर धरने जारी हैं। 15 सितंबर की रिपोर्टों में भी मोर्चा की ओर से आठ स्थानों पर प्रदर्शन और नौवें स्थान पर नया धरना शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
मोर्चे की मांगों में फसलों की MSP पर खरीद की कानूनी गारंटी, किसानों और कृषि मजदूरों की कर्जमाफी, आंदोलन से जुड़े मामलों को वापस लेना, बाढ़ और भूजल जैसे मुद्दों पर नीति तथा भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों सहित कई विषय शामिल हैं।
‘रेल रोकना मजबूरी है’, पंधेर ने दिया तर्क
रेल रोको आंदोलन से आम यात्रियों को होने वाली संभावित परेशानी के सवाल पर पंधेर ने कहा कि रेलवे ट्रैक रोकना किसानों की जिद नहीं है, बल्कि परिस्थितियों के कारण उठाया जा रहा कदम है।
उन्होंने कहा कि आंदोलन किसानों और मजदूरों से जुड़े मुद्दों को लेकर है। पंधेर ने यह भी कहा कि सरकार बातचीत के जरिए मांगों पर चर्चा करती है तो स्थिति को टाला जा सकता है।
कार्रवाई हुई तो आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
प्रशासन की संभावित कार्रवाई या हिरासत में लिए जाने के सवाल पर पंधेर ने कहा कि किसान अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने सरकार से बातचीत शुरू करने की अपील दोहराई।
मोर्चा की ओर से यह भी कहा गया है कि अगर आंदोलनकारियों के खिलाफ कार्रवाई होती है तो इसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। हालांकि सरकार की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर क्या कदम उठाया जाएगा, यह 17 सितंबर के घटनाक्रम में स्पष्ट होगा।
18 सितंबर को तय होगी आगे की रणनीति
किसान-मजदूर मोर्चा ने फिलहाल 17 सितंबर के ‘रेल रोको’ कार्यक्रम का ऐलान किया है। इसके बाद 18 सितंबर को होने वाली बैठक में आंदोलन की आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
मोर्चा की गतिविधियों को देखते हुए आने वाले दिनों में पंजाब में किसान संगठनों और राज्य सरकार के बीच बातचीत महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच संवाद शुरू होता है या आंदोलन आगे बढ़ता है, इस पर 17 सितंबर की स्थिति निर्णायक हो सकती है।

