श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों को लेकर भागलपुर नगर निगम ने बरारी पुल घाट को भी सुव्यवस्थित धार्मिक स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। इस बार अजगैबीनाथ धाम घाट की तर्ज पर बरारी घाट क्षेत्र में अस्थायी दुकानों, स्टॉल और कियोस्क का आवंटन ई-नीलामी के माध्यम से किया जाएगा। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं और कांवड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ घाट क्षेत्र में पारदर्शी और व्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
ई-नीलामी के जरिए होगा दुकानों का आवंटन
नगर निगम की योजना के अनुसार, बरारी पुल घाट की सीढ़ियों, पहुंच मार्ग और संतोषी माता मंदिर तक जाने वाली सड़क के दोनों ओर अस्थायी दुकानों की बंदोबस्ती की जाएगी। इन दुकानों का आवंटन पूरी तरह ई-ऑक्शन (ई-नीलामी) प्रक्रिया के माध्यम से होगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और सभी इच्छुक लोगों को समान अवसर मिल सके।
श्रद्धालुओं को एक ही स्थान पर मिलेंगी जरूरी सुविधाएं
इन अस्थायी दुकानों पर पूजन सामग्री, प्रसाद, पेयजल, नाश्ता और दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराई जाएंगी। नगर निगम का उद्देश्य यह है कि गंगा स्नान और कांवड़ यात्रा के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सेवाएं आसानी से मिल सकें, जिससे उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

जल्द जारी होगा निविदा विज्ञापन
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, ई-नीलामी प्रक्रिया शुरू करने के लिए निविदा संबंधी विज्ञापन जनसंपर्क विभाग को भेजा जा रहा है। विज्ञापन प्रकाशित होने के बाद इच्छुक व्यापारी और आवेदक ऑनलाइन माध्यम से बोली प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे। प्रशासन का मानना है कि डिजिटल प्रक्रिया से निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
अतिक्रमण पर लगेगी रोक
नगर निगम का कहना है कि ई-नीलामी के जरिए निर्धारित स्थानों पर ही दुकानें संचालित होंगी। इससे अनधिकृत अतिक्रमण पर नियंत्रण मिलेगा और घाट क्षेत्र में श्रद्धालुओं की आवाजाही अधिक सुरक्षित और सुगम होगी। व्यवस्थित दुकानें होने से भीड़ प्रबंधन में भी मदद मिलेगी।
घाट पर तेजी से चल रही हैं तैयारियां
श्रावणी मेला को देखते हुए बरारी पुल घाट पर साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, अस्थायी शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं का काम तेजी से किया जा रहा है। नगर निगम इस बार बरारी घाट को प्रमुख कांवड़िया सेवा केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में विशेष प्रयास कर रहा है, ताकि बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके।

