अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच के बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि वह पिछले चार-पांच वर्षों से अयोध्या में हो रही गड़बड़ियों को लेकर लगातार शासन-प्रशासन को आगाह करते रहे हैं, लेकिन उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जांच पूरी होने तक वह इस मामले पर विस्तृत टिप्पणी नहीं करेंगे।
“जांच पूरी होने के बाद बताऊंगा सही हुई या नहीं”
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि फिलहाल मामले की जांच चल रही है और जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं। इसलिए इस समय कोई टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि जब जांच पूरी हो जाएगी, तब वह खुलकर बताएंगे कि जांच सही दिशा में हुई या नहीं। उनका दावा है कि वह अयोध्या की परिस्थितियों और वहां की व्यवस्थाओं से पूरी तरह परिचित हैं और लंबे समय से इन मुद्दों को उठाते रहे हैं।

“चार-पांच साल पहले भी उठाए थे सवाल”
पूर्व सांसद ने कहा कि वह पहले व्यक्ति थे जिन्होंने अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में व्यवस्थाओं और कथित गड़बड़ियों को लेकर सार्वजनिक रूप से आवाज उठाई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कई वर्षों से उन्होंने प्रशासन से कहा था कि हालात ठीक नहीं हैं, लेकिन उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या में लगाए गए कई बैरियरों के कारण आम श्रद्धालुओं को परेशानी हुई और लोग मंदिर से दूर होने लगे।
ट्रस्ट की बैठक पर टिकी निगाहें
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक आयोजित हो रही है। बैठक में विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट, वर्ष 2025-26 की ऑडिट रिपोर्ट और अन्य प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर भी विचार किए जाने की संभावना है।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। ऐसे में विभिन्न पक्षों की ओर से दिए जा रहे बयान राजनीतिक और सार्वजनिक बहस का हिस्सा बने हुए हैं।

