मध्य प्रदेश के देवास में 76 वर्षीय बुजुर्ग से दिनदहाड़े हुई चेन स्नैचिंग की वारदात का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 1.50 लाख रुपये कीमत की सोने की चेन बरामद कर ली है। जांच के दौरान एक चौंकाने वाला खुलासा भी हुआ है। पुलिस के अनुसार, वारदात की साजिश में वह व्यक्ति भी शामिल था जो रोजाना बुजुर्ग के घर टिफिन पहुंचाने का काम करता था। फिलहाल वह फरार है और उसकी तलाश जारी है।
परिचित बनकर घर पहुंचा आरोपी, फिर झपट ली सोने की चेन
पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोत ने बताया कि 24 जून को थाना कोतवाली क्षेत्र निवासी 76 वर्षीय वंशीधर बरोनिया के घर एक युवक परिचित बनकर पहुंचा। बातचीत के दौरान उसने अचानक बुजुर्ग के गले से सोने की चेन झपट ली और बाहर इंतजार कर रहे अपने साथी के साथ फरार हो गया। घटना के तुरंत बाद पीड़ित ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मामला दर्ज कर विशेष जांच टीम गठित की गई।
सीसीटीवी और ऑपरेशन त्रिनेत्र से मिली सफलता
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ के तहत शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इन्हीं कैमरों की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्हें बुजुर्ग की पूरी जानकारी रोजाना टिफिन पहुंचाने वाले व्यक्ति ने दी थी। उसी ने बताया था कि बुजुर्ग घर में अकेले रहते हैं और उनके पास कीमती सोने की चेन है। इसके बाद आरोपियों ने पूरी योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया।

डेढ़ लाख की चेन बरामद, फरार आरोपी की तलाश जारी
पुलिस ने जयराज पिता आनंद कुमरे (30 वर्ष) और धनराज पिता आनंद कुमरे (50 वर्ष), निवासी गजरा गियर्स झुग्गी, देवास को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से लगभग 1.50 लाख रुपये मूल्य की सोने की चेन भी बरामद कर ली गई है। वहीं वारदात की जानकारी उपलब्ध कराने वाले टिफिन सप्लायर को भी मामले में आरोपी बनाया गया है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
10 हजार से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे बने पुलिस की ताकत
एसपी पुनीत गेहलोत ने बताया कि जिले में ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ के तहत लगाए गए 10 हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरे अपराधों की रोकथाम और खुलासे में बेहद प्रभावी साबित हो रहे हैं। इसी तकनीकी नेटवर्क की मदद से इस मामले का भी तेजी से खुलासा संभव हो सका। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे पहले भी किसी अन्य वारदात में शामिल रहे हैं या नहीं।

