प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में NEET UG री-एग्जाम 2026 के सफल आयोजन को लेकर मंत्रियों और विभिन्न सरकारी एजेंसियों की जमकर सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि परीक्षा को बिना किसी बड़ी बाधा के संपन्न कराना सरकार की सामूहिक कार्यशैली का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि जब सभी मंत्रालय और विभाग मिलकर काम करते हैं, तो किसी भी चुनौती का सफलतापूर्वक सामना किया जा सकता है।
‘Whole of Government’ मॉडल को बताया सफलता की कुंजी
बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि NEET री-एग्जाम के दौरान “Whole of Government” दृष्टिकोण देखने को मिला। उन्होंने मंत्रियों को सलाह दी कि भविष्य में भी इसी तरह समन्वय और टीमवर्क के साथ कार्य किया जाए। पीएम ने कहा कि सरकार के विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल से बड़े से बड़े कार्य भी समय पर और सफलतापूर्वक पूरे किए जा सकते हैं।
20 लाख से अधिक छात्रों ने दी परीक्षा
21 जून को आयोजित NEET UG री-एग्जाम देश और विदेश के 14 केंद्रों सहित कुल 5,440 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित किया गया। इस परीक्षा में 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। परीक्षा हिंदी और अंग्रेजी समेत 13 भाषाओं में आयोजित की गई। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने इसे देश के सामूहिक प्रयास का उदाहरण बताया।

सुरक्षा व्यवस्था रही बेहद मजबूत
परीक्षा को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन, फेस ऑथेंटिकेशन, सीसीटीवी निगरानी, जैमर और दो-स्तरीय सुरक्षा जांच जैसी व्यवस्थाएं लागू की गईं। राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर पर कमांड एवं कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए, जहां से परीक्षा प्रक्रिया की लगातार निगरानी की गई।
कई मंत्रालयों और एजेंसियों ने निभाई अहम भूमिका
इस परीक्षा के सफल आयोजन में गृह मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, भारतीय वायुसेना, रक्षा मंत्रालय, डाक विभाग, NIC, MeitY और विभिन्न बैंकिंग संस्थानों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। देशभर में लगभग 7 लाख अधिकारियों, पुलिसकर्मियों, पर्यवेक्षकों और परीक्षा कर्मियों को तैनात किया गया। कई राज्यों ने अभ्यर्थियों के लिए निःशुल्क परिवहन, पेयजल, भोजन और चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराईं।

