उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक गतिविधियों को तेज कर दिया है। पार्टी ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने और जनता के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए एक विशेष जनसंपर्क एवं जनजागरण अभियान शुरू करने का फैसला किया है। यह अभियान 28 जून से 12 जुलाई तक चलेगा और इसके तहत राज्य के 10 पर्वतीय जिलों को चार अलग-अलग जोन में विभाजित किया गया है।
वरिष्ठ नेताओं को सौंपी गई जिम्मेदारी
कांग्रेस नेतृत्व ने अभियान को प्रभावी बनाने के लिए अनुभवी नेताओं को अलग-अलग जोन की जिम्मेदारी सौंपी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल पिथौरागढ़, चंपावत और बागेश्वर जिलों की कमान संभालेंगे। वहीं डॉ. हरक सिंह रावत को रुद्रप्रयाग, चमोली और पौड़ी क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है। प्रीतम सिंह उत्तरकाशी और टिहरी में अभियान का नेतृत्व करेंगे, जबकि करन माहरा नैनीताल और अल्मोड़ा में पार्टी की गतिविधियों को आगे बढ़ाएंगे।
जनता के बीच पहुंचने की रणनीति
कांग्रेस का उद्देश्य केवल राजनीतिक सभाएं करना नहीं, बल्कि सीधे जनता और कार्यकर्ताओं से संवाद स्थापित करना है। पार्टी का मानना है कि स्थानीय मुद्दों को समझे बिना चुनावी रणनीति पूरी नहीं हो सकती। इसी कारण वरिष्ठ नेताओं को गांव-गांव जाकर लोगों से बातचीत करने और उनकी समस्याओं को सुनने का निर्देश दिया गया है।

हरीश रावत और यशपाल आर्य भी होंगे सक्रिय
अभियान के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य भी विभिन्न जिलों का दौरा करेंगे। दोनों नेता कार्यकर्ताओं को उत्साहित करने के साथ-साथ जनता के बीच जाकर पार्टी के पक्ष को मजबूती से रखने का प्रयास करेंगे।
इन मुद्दों को बनाएगी चुनावी हथियार
कांग्रेस इस अभियान में बेरोजगारी, महंगाई, कानून व्यवस्था और कथित भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है। पार्टी का दावा है कि ये ऐसे विषय हैं जो सीधे आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं और जनता इनके समाधान की अपेक्षा रखती है।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने हरिद्वार भूमि घोटाले का जिक्र करते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में केवल निचले स्तर के अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है, जबकि वास्तविक जिम्मेदार लोगों तक कार्रवाई नहीं पहुंची। उन्होंने निष्पक्ष जांच और बड़े स्तर पर जवाबदेही तय करने की मांग की।

