केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर शनिवार को अमृतसर पहुंचे, जहां उन्होंने केंद्र में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों को विस्तार से जनता के सामने रखा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास, सुशासन और वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ है। खट्टर ने कहा कि 11 जून को नरेंद्र मोदी देश के सबसे लंबे समय तक लगातार कार्यकाल पूरा करने वाले प्रधानमंत्रियों में शामिल हो गए हैं, जो उनके नेतृत्व और जनता के विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच और नीतियों का ही परिणाम है कि आज देश के 22 राज्यों में एनडीए की सरकार है। खट्टर ने कहा कि भाजपा लगातार अपने संगठन को मजबूत कर रही है और अब पार्टी की नजर पंजाब में अपनी राजनीतिक ताकत बढ़ाने पर है। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले चुनावों में भाजपा पंजाब में बड़ी भूमिका निभाने के लिए पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरेगी।
अकाली दल से गठबंधन पर दिया जवाब, अकेले चुनाव लड़ने का भी भरोसा
पंजाब की राजनीति में सबसे ज्यादा चर्चा शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के संभावित गठबंधन को लेकर हो रही है। इस मुद्दे पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि यह पूरी तरह नीति से जुड़ा विषय है और इस पर अंतिम फैसला पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा किसी भी स्थिति में चुनाव लड़ने के लिए तैयार है। खट्टर ने कहा कि ऐसा नहीं है कि भाजपा अकेले चुनाव लड़ेगी तो कमजोर पड़ जाएगी। उन्होंने हरियाणा का उदाहरण देते हुए कहा कि वर्ष 2014 में भाजपा ने अकेले चुनाव लड़कर पूर्ण बहुमत हासिल किया था और उसके बाद लगातार राज्य में सरकार बनाती आ रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा की विचारधारा और कार्यशैली पर जनता का भरोसा लगातार बढ़ा है। इसी भरोसे के आधार पर पार्टी पंजाब में भी अपने राजनीतिक विस्तार की उम्मीद कर रही है।

हरियाणा और पंजाब की तुलना कर सरकार पर साधा निशाना
अपने संबोधन के दौरान खट्टर ने हरियाणा और पंजाब के विकास की तुलना भी की। उन्होंने कहा कि वर्ष 1967 में हरियाणा का बजट पंजाब की तुलना में केवल 40 प्रतिशत था, लेकिन आज यह आंकड़ा बढ़कर लगभग 85 प्रतिशत तक पहुंच गया है। उन्होंने दावा किया कि यदि पंजाब ने समय रहते अपनी विकास नीतियों पर ध्यान नहीं दिया तो आने वाले वर्षों में हरियाणा का बजट पंजाब से भी अधिक हो सकता है। खट्टर ने पंजाब की मौजूदा कानून व्यवस्था को लेकर भी आम आदमी पार्टी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य में असामाजिक तत्वों पर नियंत्रण रखने में सरकार असफल साबित हुई है। हाल के ग्रेनेड हमलों और सुरक्षा चुनौतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए भाजपा पर बेबुनियाद आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा कि जनता अब इन बातों को समझने लगी है और आने वाले समय में इसका राजनीतिक असर भी दिखाई देगा।
ईडी कार्रवाई और भारत-पाक व्यापार पर भी रखी राय
केंद्रीय मंत्री ने प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआई की कार्रवाई को लेकर भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति कानून का उल्लंघन करेगा या गलत कार्यों में शामिल होगा, उसके खिलाफ जांच एजेंसियां कार्रवाई करेंगी। भगवंत मान को दोबारा मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाए जाने के सवाल पर खट्टर ने कहा कि पंजाब में कोई भी मुख्यमंत्री बन सकता है, लेकिन भगवंत मान के दोबारा मुख्यमंत्री बनने की संभावना उन्हें नहीं दिखती। वहीं व्यापारियों द्वारा भारत-पाकिस्तान व्यापार शुरू करने की मांग पर उन्होंने कहा कि यह फैसला केवल आर्थिक नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और कूटनीतिक संबंधों को ध्यान में रखकर लिया जाता है। वर्तमान परिस्थितियों में दोनों देशों के संबंध सामान्य नहीं हैं, इसलिए व्यापार शुरू करना संभव नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि पहले समझौता एक्सप्रेस और बस सेवाएं भी चली थीं, लेकिन मौजूदा हालात अलग हैं। खट्टर के इस दौरे और बयानों को पंजाब की आगामी राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे राज्य की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

