रीवा में बुधवार को नवीन कांग्रेस भवन के शिलान्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया जहां कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी और कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम का माहौल शुरुआत से ही राजनीतिक रूप से बेहद सक्रिय नजर आया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बड़ी भीड़ और नेताओं की मौजूदगी ने इसे शक्ति प्रदर्शन जैसा रूप दे दिया। इस मौके पर संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों की रणनीति पर भी चर्चा के संकेत मिले।
जीतू पटवारी का विंध्य पर भरोसा और संगठन विस्तार का दावा
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि विंध्य अंचल हमेशा से कांग्रेस का मजबूत गढ़ रहा है और यहां की जनता ने पार्टी की विचारधारा को लगातार समर्थन दिया है। उन्होंने दावा किया कि यह नया भवन आने वाले समय में संगठन की गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा। पटवारी ने यह भी कहा कि भवन का निर्माण तेजी से पूरा किया जाएगा और इसके उद्घाटन कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्तर के नेता भी शामिल होंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का आह्वान किया।

बीजेपी सरकार पर भ्रष्टाचार और सामाजिक मुद्दों को लेकर गंभीर आरोप
कार्यक्रम के दौरान जीतू पटवारी के तेवर काफी तीखे नजर आए और उन्होंने सीधे तौर पर प्रदेश की बीजेपी सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार का जाल गहराई तक फैल चुका है और इसे वह “कैंसर” की तरह मानते हैं। पटवारी ने दावा किया कि अगर इस स्थिति से बचना है तो पंचायत स्तर से लेकर संसद तक बीजेपी को हराना जरूरी है। उन्होंने रीवा में सरकारी जमीनों की बिक्री को लेकर भी सवाल उठाए और इसे गंभीर प्रशासनिक विफलता बताया।
युवाओं और महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर भी तीखा प्रहार
जीतू पटवारी ने अपने बयान में देश की आर्थिक स्थिति और युवाओं के भविष्य को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज युवा नशे की समस्या से जूझ रहे हैं और देश महंगाई के गंभीर दौर से गुजर रहा है। उन्होंने इसके लिए केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि आर्थिक और सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचा है। पटवारी ने कहा कि सरकार का कर्तव्य है कि वह शिक्षा और रोजगार पर गंभीरता से काम करे ताकि युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो सके।
रीवा से कांग्रेस का संदेश और आने वाले राजनीतिक संकेत
इस कार्यक्रम को कांग्रेस के लिए रीवा और विंध्य क्षेत्र में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। नेताओं के तीखे बयानों ने साफ कर दिया है कि आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति और अधिक आक्रामक हो सकती है। संगठन विस्तार, जनसंपर्क और मुद्दा आधारित राजनीति के जरिए कांग्रेस आगामी चुनावों में अपनी स्थिति मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।

