भोपाल की पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। इस केस में न्यायिक प्रक्रिया तेज हो गई है और अगले 24 घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं। सोमवार को इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट और भोपाल जिला अदालत—तीनों जगह एक साथ होनी है। इस हाई-प्रोफाइल केस पर पूरे प्रदेश और देश की नजर टिकी हुई है।
सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान, होगी बड़ी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया है और चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच इस केस की सुनवाई करेगी। कोर्ट इस दौरान जांच प्रक्रिया, संस्थागत पक्षपात के आरोपों और पुलिस व अस्पताल की भूमिका की विस्तृत समीक्षा करेगा। माना जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट की यह सुनवाई पूरे मामले की दिशा तय कर सकती है और जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी बड़ा असर डाल सकती है।

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में जमानत रद्द करने पर बहस
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह को भोपाल कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत को रद्द करने की मांग पर सुनवाई होगी। यह याचिका राज्य सरकार और ट्विशा शर्मा के पिता की ओर से दायर की गई है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि जांच में गंभीर खामियां हैं और न्याय प्रक्रिया को प्रभावित किया गया है। हाईकोर्ट का फैसला इस मामले में कानूनी स्थिति को और स्पष्ट कर सकता है।
भोपाल जिला अदालत में कॉल डिटेल और CCTV फुटेज पर सुनवाई
भोपाल जिला अदालत में भी इस केस से जुड़े अहम दस्तावेजों को सुरक्षित रखने की मांग पर सुनवाई होगी। इसमें समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह की कॉल डिटेल रिकॉर्ड और भोपाल एम्स के CCTV फुटेज को संरक्षित रखने का आवेदन शामिल है। इससे पहले ट्विशा शर्मा का दूसरा पोस्टमॉर्टम दिल्ली एम्स की टीम द्वारा किया गया था और बाद में भोपाल में उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। लगातार बढ़ते सवालों और अदालतों की सक्रियता के चलते यह मामला अब पूरी तरह राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन चुका है।

