बिहार की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के प्रमुख Jitan Ram Manjhi को सोशल मीडिया पर खुलेआम धमकी दी गई। यह मामला ऐसे वक्त सामने आया है जब कुछ दिन पहले ही उनकी समधन और बाराचट्टी विधायक Jyoti Manjhi के काफिले पर हमला हुआ था। अब एक वायरल वीडियो में युवक ने मांझी को निशाना बनाते हुए धमकी दी है जिससे राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। वीडियो में युवक बेहद आक्रामक भाषा में कहता दिखाई दे रहा है कि “अभी समधिनिया पर हमला हुआ है न… अब तोरो पर हमला होगा…”। इस वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन भी हरकत में आ गया है और पूरे मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। वीडियो में युवक कथित तौर पर मोहनपुर थाने के एक दारोगा को लेकर दिए गए बयान का जिक्र करता दिखाई दे रहा है। धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं और वीडियो में दिख रहे युवक की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। राजनीतिक गलियारों में यह सवाल भी उठने लगा है कि आखिर बिहार की राजनीति में इस तरह की भाषा और खुलेआम धमकी देने की प्रवृत्ति क्यों बढ़ रही है। कई नेताओं ने इस घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ज्योति मांझी पर हमले के बाद बढ़ा तनाव
दरअसल पूरा विवाद विधायक Jyoti Manjhi के काफिले पर हुए हमले के बाद शुरू हुआ। इस घटना के बाद Jitan Ram Manjhi ने मीडिया से बातचीत में मोहनपुर थाने के दारोगा पर कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि अगर आठ दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो वे डीएम और एसएसपी आवास का घेराव करेंगे। इसी बयान के बाद सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो सामने आया जिसमें युवक ने मांझी को धमकी दी।
जानकारी के मुताबिक ज्योति मांझी पर हुए हमले के मामले में अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मोहनपुर थाने में सात नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस पहले से ही इस हमले की जांच कर रही थी लेकिन अब धमकी वाले वीडियो ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है। राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है। विपक्ष इसे कानून व्यवस्था की विफलता बता रहा है जबकि प्रशासन लगातार कार्रवाई का दावा कर रहा है।

वायरल वीडियो के बाद पुलिस एक्शन मोड में
वायरल वीडियो सामने आने के बाद गया के एसएसपी सुशील कुमार ने तुरंत संज्ञान लिया और प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि अगर कोई युवक की पहचान कर सकता है तो तुरंत जानकारी दे ताकि आरोपी तक जल्द पहुंचा जा सके। पुलिस साइबर सेल की मदद से वीडियो की तकनीकी जांच भी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर धमकी देना गंभीर अपराध है और इसमें शामिल लोगों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
इस मामले ने बिहार में नेताओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। खासकर तब जब कुछ ही दिनों के अंतराल में पहले विधायक के काफिले पर हमला हुआ और फिर केंद्रीय मंत्री को धमकी मिली। प्रशासन अब इस एंगल से भी जांच कर रहा है कि कहीं यह किसी बड़े राजनीतिक या व्यक्तिगत विवाद का हिस्सा तो नहीं। पुलिस का कहना है कि आरोपी चाहे जहां हो उसे जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। फिलहाल पूरे मामले पर राजनीतिक और प्रशासनिक नजरें टिकी हुई हैं।
बिहार की राजनीति में बढ़ती तल्खी ने खड़े किए बड़े सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार की राजनीतिक भाषा और माहौल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक मतभेद अब सोशल मीडिया पर खुलेआम धमकियों तक पहुंचते दिखाई दे रहे हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद चिंताजनक संकेत हैं। खासकर तब जब एक केंद्रीय मंत्री को सार्वजनिक मंच पर धमकी दी जाए।
अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है कि आखिर वीडियो में दिख रहा युवक कौन है और उसके पीछे कौन लोग हैं। साथ ही यह भी देखना होगा कि इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई होती है। बिहार की राजनीति में यह मामला आने वाले दिनों में और बड़ा रूप ले सकता है क्योंकि विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों इसे अपने-अपने तरीके से उठा रहे हैं।

