उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। योगी सरकार ने एक साथ 9 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर कई अहम जिम्मेदारियां बदली हैं। इस फैसले के बाद पुलिस विभाग में नई रणनीति और प्रशासनिक बदलावों की चर्चा तेज हो गई है। सरकार का यह कदम कानून व्यवस्था को और मजबूत करने तथा विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। नई नियुक्तियों के बाद कई बड़े विभागों की कमान अब नए अधिकारियों के हाथों में होगी।
जय नरायन सिंह और ध्रुव कान्त ठाकुर को मिली बड़ी जिम्मेदारी
1994 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी जय नरायन सिंह को पुलिस महानिदेशक ईओडब्ल्यू बनाया गया है। आर्थिक अपराधों से जुड़े मामलों की जांच अब उनके नेतृत्व में होगी। वहीं इसी बैच के अधिकारी ध्रुव कान्त ठाकुर को पुलिस महानिदेशक होमगार्ड की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही उन्हें पुलिस महानिदेशक नागरिक सुरक्षा का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। माना जा रहा है कि सरकार ने अनुभव और प्रशासनिक क्षमता को ध्यान में रखते हुए यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी हैं।

सीआईडी और साइबर क्राइम की कमान नए हाथों में
सरकार ने 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी बिनोद कुमार सिंह को पुलिस महानिदेशक सीआईडी नियुक्त किया है। उन्हें पुलिस महानिदेशक साइबर क्राइम और यूपी 112 का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। वर्तमान समय में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं और ऐसे में यह जिम्मेदारी काफी अहम मानी जा रही है। इसके अलावा 1995 बैच के आईपीएस आलोक सिंह को पुलिस महानिदेशक पीएसी मुख्यालय बनाया गया है। साथ ही उन्हें विशेष सुरक्षा बल का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। इन नियुक्तियों से साफ संकेत मिल रहे हैं कि सरकार सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी अपराधों पर विशेष ध्यान देना चाहती है।
कई अन्य अधिकारियों को भी मिले अहम पद
इस बड़े फेरबदल में कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। अनुपम कुलश्रेष्ठ को अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन बनाया गया है। ए सतीश गणेश को अपर पुलिस महानिदेशक यातायात एवं सड़क सुरक्षा का चार्ज दिया गया है और साथ ही अपराध विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। डॉ आर के स्वर्णकार को अपर पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड बनाया गया है। वहीं एस के भगत को आगरा जोन का अपर पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया गया है। गीता सिंह को पुलिस महानिरीक्षक प्रशिक्षण निदेशालय की जिम्मेदारी दी गई है। इस व्यापक प्रशासनिक बदलाव के बाद अब पुलिस विभाग में नई कार्यशैली और सख्ती देखने को मिल सकती है।

