पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने गुरुवार को विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से का निरीक्षण किया और पुल हादसे को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। हाल ही में पुल का एक हिस्सा गिरने के बाद इलाके में आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। इस बीच नाव संचालकों द्वारा लोगों से मनमाने तरीके से किराया वसूले जाने की शिकायतें सामने आई हैं। निरीक्षण के दौरान पप्पू यादव ने कहा कि सरकार यदि चुनावों में करोड़ों रुपये खर्च कर सकती है तो जनता को राहत देने के लिए मुफ्त नाव और स्टीमर की व्यवस्था क्यों नहीं कर सकती।
नाव वालों की मनमानी और जनता की परेशानी पर जताया गुस्सा
मीडिया से बातचीत में पप्पू यादव ने कहा कि नाव संचालक एक बच्चे तक से 100 रुपये वसूल रहे हैं और शाम पांच बजे के बाद नावें बंद कर दी जाती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि होटल वाले भी मजबूरी का फायदा उठाकर हजारों रुपये वसूल रहे हैं। सांसद ने दावा किया कि नाव संचालकों से भी कथित माफिया द्वारा 300 रुपये तक की वसूली की जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में आम जनता पूरी तरह परेशान है और सरकार हालात संभालने में नाकाम साबित हो रही है।

सरकार और निर्माण कंपनी पर बड़ा हमला, सदन में उठाने का दावा
पप्पू यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जो सरकार अपनी जनता की सुरक्षा नहीं कर सकती और परीक्षा पेपर लीक तक नहीं रोक सकती, वह देश कैसे चलाएगी। उन्होंने निर्माण कंपनी सिंगला कंपनी पर भी गंभीर सवाल उठाए और कहा कि उसके खिलाफ वह पहले ही 50 से ज्यादा पत्र लिख चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि इस मुद्दे को संसद में भी उठाया गया है। सांसद ने कहा कि जिन कंपनियों की लापरवाही से पुल टूट रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
जनता को राहत देने के लिए मुफ्त नाव और स्टीमर देने का ऐलान
क्षतिग्रस्त पुल का निरीक्षण करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि यदि सरकार जनता को नाविकों के भरोसे छोड़ देगी तो जिम्मेदार लोगों को इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के भीतर पुल की मरम्मत हो जानी चाहिए थी। चीन का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां एक दिन में कई पुल बन जाते हैं, लेकिन यहां 15 दिनों में भी काम पूरा नहीं हो पा रहा। जनता को राहत देने के लिए उन्होंने पांच मुफ्त नाव और एक स्टीमर उपलब्ध कराने का ऐलान किया और कहा कि जब तक पुल पूरी तरह ठीक नहीं हो जाता, तब तक लोगों की मदद जारी रहेगी।

