प्रधानमंत्री Narendra Modi की ओर से देशवासियों से एक साल तक सोना नहीं खरीदने की अपील के बाद राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल इस बयान को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साध रहे हैं। इसी बीच अब आरजेडी नेता Tejashwi Yadav ने भी प्रधानमंत्री पर बड़ा हमला बोला है। सोमवार 11 मई 2026 को तेजस्वी यादव ने अपने एक्स अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया जिसमें पीएम मोदी के 2024 और 2026 के भाषणों के हिस्से शामिल थे। वीडियो पोस्ट करते हुए तेजस्वी यादव ने सवाल उठाया कि आखिर जनता को कौन सा बयान सच मानना चाहिए। उन्होंने लिखा कि 2024 में प्रधानमंत्री कह रहे थे कि विपक्ष महिलाओं का मंगलसूत्र और सोना छीन लेगा जबकि अब 2026 में वही प्रधानमंत्री लोगों से सोना नहीं खरीदने की अपील कर रहे हैं। तेजस्वी यादव ने इसे जनता को भ्रमित करने वाला बताया और कहा कि अब समय खुद सच और झूठ का हिसाब कर रहा है।
2024 के चुनावी भाषण का वीडियो फिर बना राजनीतिक हथियार
तेजस्वी यादव द्वारा शेयर किए गए वीडियो का पहला हिस्सा लोकसभा चुनाव 2024 के प्रचार से जुड़ा हुआ है। उस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस के घोषणापत्र को लेकर तीखा हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि माताओं और बहनों का सोना केवल आभूषण नहीं बल्कि उनके सम्मान और सपनों का प्रतीक होता है। पीएम मोदी ने आरोप लगाया था कि विपक्ष सत्ता में आने के बाद लोगों की संपत्ति का सर्वे कराएगा और महिलाओं का मंगलसूत्र तथा सोना तक छीन सकता है। उस समय यह बयान चुनावी सभाओं में काफी चर्चा में रहा था और बीजेपी ने इसे बड़े मुद्दे के रूप में इस्तेमाल किया था। अब विपक्ष उसी बयान को फिर से सामने लाकर प्रधानमंत्री को घेरने की कोशिश कर रहा है। तेजस्वी यादव का कहना है कि अगर सोना महिलाओं के सम्मान से जुड़ा था तो अब लोगों से एक साल तक सोना नहीं खरीदने की अपील क्यों की जा रही है। इस सवाल ने सोशल मीडिया पर भी बहस छेड़ दी है और कई विपक्षी नेताओं ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।

2026 की अपील के पीछे क्या है सरकार का तर्क
वीडियो के दूसरे हिस्से में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशवासियों से यह कहते नजर आ रहे हैं कि देशहित में लोगों को एक साल तक सोने के गहने खरीदने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि चाहे घर में कोई भी कार्यक्रम क्यों न हो लेकिन देश की आर्थिक मजबूती के लिए इस तरह का त्याग जरूरी है। माना जा रहा है कि सरकार की यह अपील वैश्विक आर्थिक दबाव और आयात खर्च को नियंत्रित करने की रणनीति का हिस्सा हो सकती है। भारत दुनिया में सोने का सबसे बड़ा उपभोक्ता माना जाता है और बड़ी मात्रा में सोना विदेशों से आयात किया जाता है। ऐसे में विदेशी मुद्रा पर दबाव बढ़ता है। सरकार समर्थकों का कहना है कि पीएम मोदी की अपील देशहित और आत्मनिर्भरता की सोच से जुड़ी हुई है। हालांकि विपक्ष इसे राजनीतिक यू टर्न बता रहा है। कांग्रेस और आरजेडी नेताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री अपने ही पुराने बयानों के उलट बात कर रहे हैं और जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस और बढ़ा राजनीतिक दबाव
तेजस्वी यादव के इस वीडियो पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर बहस और तेज हो गई है। कई यूजर्स प्रधानमंत्री के पुराने और नए बयानों की तुलना कर रहे हैं जबकि बीजेपी समर्थक इसे राष्ट्रीय हित से जुड़ी अपील बता रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और बड़ा हो सकता है क्योंकि विपक्ष इसे आम जनता की भावनाओं से जोड़कर पेश करने की कोशिश करेगा। बिहार सहित कई राज्यों में विपक्ष इस बयान को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ माहौल बनाने में जुट गया है। दूसरी ओर बीजेपी नेताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री ने कभी सोना छीनने की बात नहीं कही बल्कि उन्होंने केवल देशहित में संयम बरतने की अपील की है। फिलहाल इस मुद्दे ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस को जन्म दे दिया है और आने वाले दिनों में संसद से लेकर सोशल मीडिया तक यह मामला चर्चा में बना रह सकता है।

