भागलपुर जिले की चर्चित बिहपुर विधानसभा सीट पर भाजपा विधायक इ. कुमार शैलेंद्र ने एक बार फिर अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ साबित कर दी है। एनडीए समर्थित भाजपा प्रत्याशी के रूप में उन्होंने वर्ष 2025 के चुनाव में लगातार दूसरी और कुल तीसरी बार जीत दर्ज की है। इस बार उन्होंने महागठबंधन समर्थित वीआईपी प्रत्याशी को 30 हजार से अधिक मतों के अंतर से हराकर निर्णायक जीत हासिल की। इस जीत के साथ ही बिहपुर की राजनीति में उनका प्रभाव और अधिक मजबूत हो गया है।
तीसरी बार विधायक बनकर रचा इतिहास
इ. शैलेंद्र अब उन चुनिंदा नेताओं की सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने बिहपुर विधानसभा से तीन बार जीत दर्ज की है। इससे पहले वे वर्ष 2010 और 2020 में भी विधायक चुने जा चुके हैं। हालांकि इस सीट पर लगातार तीन बार जीत का रिकॉर्ड अब भी शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल के नाम दर्ज है, जिन्होंने वर्ष 2000 और 2005 में लगातार तीन बार जीत हासिल की थी। वर्तमान में वे गोपालपुर विधानसभा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इस तरह बिहपुर की राजनीतिक विरासत में कई दिग्गज नाम शामिल रहे हैं।

बिहपुर विधानसभा का ऐतिहासिक और राजनीतिक सफर
बिहपुर विधानसभा सीट का इतिहास काफी पुराना और दिलचस्प रहा है। वर्ष 1951 में यह “नवगछिया सह बिहपुर” के नाम से जानी जाती थी, जिसे 1957 में बदलकर केवल बिहपुर विधानसभा कर दिया गया। शुरुआती वर्षों में कांग्रेस, भाकपा, जनता दल, राजद और भाजपा जैसी विभिन्न पार्टियों ने यहां अपनी पकड़ बनाई। हालांकि पिछले डेढ़ दशक में भाजपा ने इस सीट पर मजबूत स्थिति बना ली है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार अब यह सीट भाजपा के लिए एक सुरक्षित गढ़ बन चुकी है।
2025 का चुनाव और बढ़ता जनाधार
वर्ष 2025 का विधानसभा चुनाव बिहपुर के लिए विशेष रहा, जिसमें 64.66 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो पिछले कई चुनावों से अधिक है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़े हुए मतदान का सीधा लाभ भाजपा प्रत्याशी इ. शैलेंद्र को मिला। उनकी लगातार जीत यह संकेत देती है कि क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता और संगठनात्मक पकड़ मजबूत है। इस जीत के बाद उनका राजनीतिक कद भागलपुर और नवगछिया क्षेत्र में और अधिक बढ़ गया है, जिससे आने वाले चुनावों में भी भाजपा की स्थिति मजबूत मानी जा रही है।

