आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पहली बार पार्टी के सात सांसदों की बगावत पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है। पंजाब के विधायकों की बैठक में उन्होंने बिना नाम लिए इन नेताओं पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो सात सांसद गए हैं उन्हें बीजेपी ने तोड़ा है और यह सीधे तौर पर पंजाब की जनता के अधिकारों पर हमला है। केजरीवाल ने इसे लोकतंत्र के खिलाफ बड़ी साजिश बताते हुए कहा कि पंजाब की छह राज्यसभा सीटों पर डाका डाला गया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि इसका जवाब आने वाले समय में जनता जरूर देगी।
लोकतंत्र पर संकट का आरोप और वोट कटने का दावा
अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी पर लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश में कोई भी पार्टी जीतकर आ जाए लेकिन बीजेपी को इससे फर्क नहीं पड़ता। वह एजेंसियों का इस्तेमाल करके विपक्ष को कमजोर करती है। उन्होंने अपने दिल्ली चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि जब वह जेल में थे तब उनके पास बड़ी संख्या में वोट थे लेकिन लौटने के बाद वोट अचानक कम हो गए और वह हार गए। केजरीवाल ने कहा कि जब वोट ही काट दिए जाएं तो जीतना मुश्किल हो जाता है और यही लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा है।

पंजाब के मुद्दों पर चेतावनी और सियासी बयान
केजरीवाल ने दावा किया कि अगर बीजेपी पंजाब में सत्ता में आती है तो राज्य के कई अधिकार छीन लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब का पानी दूसरे राज्यों को दे दिया जाएगा और चंडीगढ़ तथा यूनिवर्सिटी जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों पर भी असर पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब के लोगों ने हमेशा बाहरी खतरों का सामना किया है लेकिन अब देश के अंदर ही एक नई चुनौती खड़ी हो गई है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे इस मुद्दे को जनता तक पहुंचाएं और एकजुट होकर इसका विरोध करें।
मोदी सरकार पर बड़ा दावा और चुनावी संदेश
अपने संबोधन में केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि पंजाब चुनाव के बाद केंद्र की सरकार गिर सकती है। उन्होंने कहा कि यह समय पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और उन्हें पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे घर घर जाकर लोगों को सच्चाई बताएं और बीजेपी की नीतियों के खिलाफ जागरूक करें। केजरीवाल के इस बयान के बाद सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है और आने वाले चुनावों को लेकर चर्चा और भी गरमा गई है।

