रूपनगर में आयोजित ओबीसी सम्मेलन में भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर अपनी संगठनात्मक ताकत का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला अध्यक्ष अजयवीर सिंह लालपुरा ने किया, जिसमें बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए। सम्मेलन में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे, जिससे कार्यक्रम का राजनीतिक महत्व और बढ़ गया। उनके साथ भाजपा पंजाब के कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा, राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू और संसदीय बोर्ड सदस्य इकबाल सिंह लालपुरा भी मंच पर मौजूद रहे। पूरे आयोजन के दौरान माहौल उत्साहपूर्ण रहा और कार्यकर्ताओं में जोश साफ दिखाई दिया।
विकास और राजनीतिक मुद्दों पर तीखे बयान
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में हरियाणा सरकार की विकास योजनाओं का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य लगातार प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है और बुनियादी ढांचे से लेकर सामाजिक योजनाओं तक तेज गति से काम हो रहा है। इसके साथ ही उन्होंने पंजाब की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताई और कहा कि वहां विकास की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी है। उन्होंने महिलाओं को लेकर चलाई जा रही योजनाओं पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या वादे के अनुसार लाभ वास्तव में जनता तक पहुंच रहे हैं या नहीं। उनके इस बयान को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भाजपा नेताओं ने सरकार पर साधा निशाना
सम्मेलन में मौजूद अन्य भाजपा नेताओं ने भी पंजाब सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने कहा कि राज्य की जनता मौजूदा हालात से निराश है और बदलाव की मांग लगातार बढ़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन उम्मीदों के साथ जनता ने सरकार को चुना था, वे पूरी नहीं हो पा रही हैं। राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू और अन्य नेताओं ने भी मंच से अपनी बात रखते हुए कहा कि प्रशासनिक स्तर पर कई योजनाएं धीमी गति से चल रही हैं, जिससे आम जनता प्रभावित हो रही है। पूरे कार्यक्रम में विपक्षी राजनीति पर अप्रत्यक्ष रूप से हमला देखने को मिला।
ओबीसी समाज को एकजुट होने का आह्वान
इकबाल सिंह लालपुरा ने अपने संबोधन में हरियाणा और पंजाब के विकास की तुलना करते हुए कहा कि हरियाणा में योजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं जबकि पंजाब अपेक्षाकृत पीछे दिखाई दे रहा है। उन्होंने ओबीसी समाज से एकजुट होकर अपने अधिकारों की आवाज बुलंद करने की अपील की। सम्मेलन में उपस्थित कई वक्ताओं ने कहा कि समाज की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकता है और इसी आधार पर सामाजिक व राजनीतिक अधिकारों को मजबूत किया जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में नेताओं ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में ओबीसी समाज राजनीति और विकास दोनों क्षेत्रों में अहम भूमिका निभाएगा।

