मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जल जीवन मिशन के तहत खोदी गई सड़कों को तुरंत ठीक करने और गड्ढों को भरने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट कहा है कि काम के दौरान सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जाए। काम पूरा होते ही सड़कों की मरम्मत अनिवार्य रूप से की जाए, ताकि आम जनता को परेशानी न हो।
लापरवाह ठेकेदारों पर होगी सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि जो कार्यदायी संस्थाएं और ठेकेदार काम में देरी, लापरवाही या अधूरा काम छोड़ेंगे, उन पर जुर्माना लगाया जाएगा। इतना ही नहीं, ऐसे ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की भी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को खुद मौके पर जाकर काम की गुणवत्ता और प्रगति की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।

सड़कों की खोदाई को लेकर बढ़ी शिकायतें
प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत गांव-गांव पाइपलाइन बिछाने का काम तेजी से चल रहा है, लेकिन इसके चलते कई जगहों पर सड़कों को खोदकर अधूरा छोड़ देने की शिकायतें सामने आई हैं। इसी मुद्दे को लेकर पहले भी जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई थी। महोबा में एक घटना के दौरान भाजपा विधायक ने जलशक्ति मंत्री के काफिले को रोककर विरोध भी दर्ज कराया था।
सरकार का लक्ष्य और निगरानी व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने हाल ही में उच्चस्तरीय बैठक कर मिशन की समीक्षा की और निर्देश दिए कि सभी जिलों में अधिकारी स्थलीय निरीक्षण करें। उन्होंने जल समाधान पोर्टल पर आने वाली शिकायतों का तुरंत निस्तारण करने को भी कहा है। सरकार का लक्ष्य है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले हर घर तक स्वच्छ पेयजल और बेहतर सड़क व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

