उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को बंगाल में हो रही घटनाओं से दर्द हो रहा है, क्योंकि वह नहीं चाहते कि उत्तर प्रदेश में अमन और चैन कायम रहे। उनके अनुसार विपक्ष की राजनीति का उद्देश्य केवल दंगे और अशांति का माहौल बनाना है। इस बयान के बाद प्रदेश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है।
बंगाल चुनाव और आईपीएस विवाद पर दिया बयान
ओम प्रकाश राजभर ने यह टिप्पणी पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा से जुड़े विवाद के संदर्भ में की। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी प्रत्याशी जहांगीर मतदाताओं को धमका रहे हैं, इसलिए चुनाव आयोग को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में डर और दबाव की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। राजभर के इस बयान को चुनावी माहौल से जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे राजनीतिक टकराव और बढ़ गया है।

अखिलेश यादव पर दंगे और जातीय राजनीति का आरोप
राजभर ने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि अखिलेश यादव के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में एक हजार से अधिक दंगे हुए थे। उन्होंने मुजफ्फरनगर दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय वे सैफई में कार्यक्रम देख रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि अब भी सपा नेता उत्तर प्रदेश की शांति भंग करने की कोशिश कर रहे हैं और जातीय तनाव को बढ़ावा देने की राजनीति कर रहे हैं। गाजीपुर की एक घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि उसे जातीय संघर्ष का रूप देने की कोशिश की जा रही है।
गाजीपुर घटना और राजनीतिक बयानबाजी पर तेज प्रतिक्रिया
ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि गाजीपुर की घटना प्रेम प्रसंग से जुड़ी थी, लेकिन उसे राजनीतिक रूप देकर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी बिना जांच के हत्या और रेप जैसे गंभीर मामलों को राजनीतिक रंग दे रही है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बड़े नेता आपसी सम्मान रखते हैं, जबकि विवाद अक्सर छोटे स्तर के नेताओं के बीच देखने को मिलता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि सदन में योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव के बीच भी संवाद होता रहता है, जो राजनीतिक शिष्टाचार को दर्शाता है।

