उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस की यूपी इकाई के अध्यक्ष अजय राय ने बड़ा बयान देते हुए साफ कर दिया है कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव प्रियंका गांधी के नेतृत्व में ही लड़ेगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह 2022 के चुनाव में प्रियंका गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस मैदान में उतरी थी, उसी तरह 2027 में भी पार्टी उन्हीं के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी। इस बयान के बाद यूपी की सियासत में कांग्रेस की रणनीति को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।
महिला उम्मीदवारों को मिलेगा बड़ा मौका, 40 प्रतिशत भागीदारी पर जोर
अजय राय ने टिकट वितरण को लेकर भी पार्टी की रणनीति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस बार भी महिला उम्मीदवारों को अधिक से अधिक टिकट देने की तैयारी में है। उन्होंने बताया कि 2022 विधानसभा चुनाव में वाराणसी की आठ सीटों में से चार पर महिला प्रत्याशी उतारे गए थे। इसके अलावा पार्टी ने 40 प्रतिशत महिला भागीदारी का लक्ष्य तय किया था और 2027 में भी इस नीति को और मजबूत किया जाएगा। कांग्रेस का दावा है कि वह महिलाओं को राजनीति में मजबूत प्रतिनिधित्व देने के लिए प्रतिबद्ध है।

पीएम मोदी के वाराणसी दौरे और अन्य राज्यों पर भी साधा निशाना
अजय राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 28 अप्रैल को प्रस्तावित वाराणसी दौरे पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यह केवल एक इवेंट जैसा कार्यक्रम है और इससे जनता को कोई बड़ा फायदा नहीं होगा। इसके साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र की घटनाओं का भी जिक्र करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों का असंतोष सामने आ रहा है और यह सरकार की नीतियों पर सवाल खड़ा करता है।
कांग्रेस का दावा, महिलाओं की भागीदारी से बदलेगा यूपी का राजनीतिक समीकरण
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि पार्टी महिलाओं को केवल वोट बैंक नहीं बल्कि निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदार बनाना चाहती है। उन्होंने कहा कि 2027 के चुनाव में महिलाओं की भागीदारी यूपी की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकती है। कांग्रेस का फोकस अब संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर है। अजय राय के इस बयान से साफ है कि कांग्रेस यूपी में बड़े बदलाव और नई रणनीति के साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है।

