जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अमरनाथ यात्रा 2026 की आधिकारिक तारीखों की घोषणा कर दी है। इस साल पवित्र यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त को समाप्त होगी। यानी श्रद्धालु लगभग 57 दिनों तक बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकेंगे। यह अवधि पिछले वर्षों की तुलना में अधिक बताई जा रही है, जिससे अधिक संख्या में भक्तों के शामिल होने की उम्मीद है। यह निर्णय श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड (SASB) की बैठक में लिया गया।
रजिस्ट्रेशन 15 अप्रैल से शुरू, बैंकों में सुविधा उपलब्ध
श्रद्धालुओं के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 15 अप्रैल 2026 से शुरू होगी। इसके लिए देशभर में करीब 556 नामित बैंक शाखाओं को अधिकृत किया गया है। इनमें एसबीआई, पीएनबी, आईसीआईसीआई बैंक, यस बैंक और एक्सिस बैंक शामिल हैं। इसके अलावा श्रद्धालु ऑनलाइन माध्यम से भी श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर पंजीकरण कर सकते हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि पूरी प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाया जाए ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के यात्रा में शामिल हो सकें।

उम्र सीमा तय, सुरक्षा नियमों पर विशेष जोर
इस बार यात्रा में शामिल होने के लिए न्यूनतम आयु 13 वर्ष निर्धारित की गई है जबकि अधिकतम आयु सीमा 70 वर्ष रखी गई है। 70 वर्ष से अधिक आयु के श्रद्धालुओं को यात्रा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन ने सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है। अधिकारियों के अनुसार यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी और हर स्तर पर मेडिकल सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।
दो मार्गों से होगी यात्रा, पारंपरिक और बालटाल रूट शामिल
अमरनाथ यात्रा इस बार भी दो प्रमुख मार्गों से संचालित होगी। पहला पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबा नुनवान-पहलगाम मार्ग है जो अपेक्षाकृत आसान माना जाता है। दूसरा 14 किलोमीटर लंबा बालटाल मार्ग है जो छोटा जरूर है लेकिन इसमें चढ़ाई अधिक कठिन होती है। उपराज्यपाल ने बताया कि यात्रा की पहली पूजा 19 जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर की जाएगी। प्रशासन ने सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा अनुभव मिल सके।

