आईपीएल 2026 के शुरू होने से पहले चेन्नई सुपर किंग्स को एक के बाद एक कई झटके लगे हैं। इनमें सबसे बड़ा झटका एमएस धोनी का टीम से बाहर होना माना जा रहा है। धोनी को काफ स्ट्रेन की चोट लगी है और वह लगभग दो सप्ताह तक क्रिकेट मैदान से दूर रहेंगे। 40 साल की उम्र में भी धोनी लगातार टीम के लिए योगदान दे रहे हैं लेकिन इस बार उनकी अनुपस्थिति टीम के लिए चिंता का कारण बन गई है। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने मुख्य रूप से विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी निभाई है जबकि बल्लेबाजी में उनकी भूमिका सीमित रही है।
धोनी की चोट और शुरुआती मैचों पर असर
चेन्नई सुपर किंग्स ने आईपीएल 2026 से पहले पुष्टि की है कि धोनी पिंडली में खिंचाव की समस्या से जूझ रहे हैं और फिलहाल रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया में हैं। इस कारण वह टूर्नामेंट के शुरुआती दो हफ्तों के मैचों में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। उनकी अनुपस्थिति से टीम की रणनीति और संयोजन पर असर पड़ सकता है। फैंस के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि धोनी की जगह किस खिलाड़ी को मौका मिलेगा और टीम किस तरह अपनी प्लेइंग इलेवन को संतुलित करेगी।

धोनी के बिना CSK का ऐतिहासिक प्रदर्शन
आईपीएल इतिहास में चेन्नई सुपर किंग्स का प्रदर्शन एमएस धोनी के नेतृत्व में बेहद शानदार रहा है। आंकड़ों के अनुसार धोनी के कप्तान बनने के बाद टीम ने लगभग सभी मुकाबलों में उनका साथ पाया है। अब तक CSK ने कुल 253 मैच खेले हैं जिनमें से 248 मैचों में धोनी टीम का हिस्सा रहे हैं। वहीं जिन पांच मैचों में धोनी नहीं खेले उनमें टीम को संघर्ष करना पड़ा। इन पांच मुकाबलों में से केवल एक मैच में जीत मिली जबकि चार मैचों में हार का सामना करना पड़ा। यह आंकड़े दिखाते हैं कि टीम के लिए धोनी का महत्व कितना अधिक है।
धोनी की गैरमौजूदगी में हार और चुनौतियां
धोनी की अनुपस्थिति में चेन्नई सुपर किंग्स को जिन मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा उनमें विभिन्न परिस्थितियां शामिल रही हैं। साल 2010 में सौरव रैना ने कप्तानी संभाली और टीम को केवल एक जीत दिला सके जो दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाफ आई थी। इसी दौरान टीम को किंग्स इलेवन पंजाब से सुपर ओवर में हार झेलनी पड़ी और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ भी हार का सामना करना पड़ा। साल 2019 में भी धोनी के बिना खेले गए दो मैचों में सनराइजर्स हैदराबाद और मुंबई इंडियंस के खिलाफ टीम को हार मिली। ये आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि धोनी की मौजूदगी CSK के लिए सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं बल्कि एक मजबूत नेतृत्व का प्रतीक रही है और उनकी अनुपस्थिति में टीम को अतिरिक्त चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

