देश में सरकारी नौकरी की तलाश करने वाले युवाओं के लिए भारतीय रेलवे हमेशा से सबसे बड़ा और भरोसेमंद विकल्प रहा है। हाल के वर्षों में रेलवे में भर्ती के आंकड़े इस बात को और मजबूत करते हैं। केंद्र सरकार के अनुसार, वर्ष 2014 के बाद से अब तक भारतीय रेलवे में 5.50 लाख से अधिक पदों पर भर्तियां की जा चुकी हैं, जो रोजगार सृजन के क्षेत्र में एक बड़ा रिकॉर्ड माना जा रहा है।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में जानकारी देते हुए बताया कि 2004-05 से 2013-14 के बीच जहां लगभग 4.11 लाख भर्तियां हुई थीं, वहीं 2014-15 से 2024-25 के बीच यह संख्या बढ़कर 5.08 लाख हो गई। यानी पिछले दशक में लगभग 97 हजार अधिक नौकरियां दी गईं। इसके अलावा 2025-26 में अब तक 43,230 पदों पर भर्ती पूरी की जा चुकी है, जिससे कुल संख्या 5.50 लाख के पार पहुंच गई है।
भविष्य की योजनाओं की बात करें तो वर्ष 2026 में असिस्टेंट लोको पायलट (ALP) के 11,127 पदों पर भर्ती की तैयारी चल रही है। इन पदों के लिए जल्द ही नोटिफिकेशन जारी होने की उम्मीद है। इससे पहले 2024 में 15,873 ALP पदों पर नियुक्तियां हो चुकी हैं, जबकि 2025 में 9,970 पदों के लिए चयन प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है।
रेलवे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर भी सरकार ने बड़ा दावा किया है। मंत्री ने बताया कि रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड (RRB) की परीक्षाएं पूरी तरह तकनीकी और सुरक्षित तरीके से आयोजित की गईं, और इनमें पेपर लीक जैसी कोई घटना सामने नहीं आई। यह युवाओं के विश्वास को मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है।
इसके अलावा भर्ती प्रक्रिया को और व्यवस्थित करने के लिए 2024 से वार्षिक भर्ती कैलेंडर लागू किया गया है। इससे उम्मीदवारों को हर साल निश्चित समय पर अवसर मिल रहे हैं और चयन प्रक्रिया भी तेज हुई है।
वर्तमान में रेलवे में 1.54 लाख से अधिक गैर-राजपत्रित पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है, जिनमें ALP, टेक्नीशियन, जूनियर इंजीनियर, RPF और पैरामेडिकल स्टाफ शामिल हैं। कुल मिलाकर, रेलवे में तेजी से हो रही भर्तियां देश के युवाओं के लिए बड़े अवसर लेकर आ रही हैं और रोजगार के क्षेत्र में नई उम्मीद जगा रही हैं।

