लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम को मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा और अपनी दलील पेश की। राहुल गांधी कई दिनों से कांशीराम के योगदान और समाजिक दृष्टिकोण की सराहना करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांशीराम ने समाज में पिछड़े वर्गों और दलितों के अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष किया। राहुल गांधी का यह कदम राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे 2027 के चुनाव में दलित और पिछड़ा वर्ग प्रभावित हो सकते हैं।
नेहरू और कांग्रेस पर राहुल गांधी की टिप्पणी
राहुल गांधी ने दावा किया कि अगर भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू जीवित रहते, तो कांशीराम कांग्रेस की तरफ से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री होते। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस अपना काम सही तरह से करती तो कांशीराम कभी इतनी सफलता नहीं हासिल कर पाते। नेहरू का निधन 1964 में हुआ था, जबकि कांशीराम ने 1978 में पिछड़े वर्गों के लिए बामसेफ की स्थापना की और 1984 में बहुजन समाज पार्टी का गठन किया। राहुल गांधी ने इस मौके पर यह स्पष्ट किया कि कांशीराम समाज में समानता और न्याय की बात करने वाले नेता थे और उनके प्रयासों का समाज पर बड़ा प्रभाव पड़ा।

कांशीराम के जीवन और उनके संघर्ष की सराहना
राहुल गांधी ने कांशीराम की जयंती से दो दिन पूर्व आयोजित संविधान सम्मेलन में उनका और डॉक्टर भीमराव आंबेडकर का सम्मान किया। उन्होंने कहा कि कांशीराम ने जीवन में कभी समझौता नहीं किया और समाज के हर वर्ग के अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष किया। राहुल गांधी ने यह भी बताया कि कांशीराम ने जीवन भर समाज में बराबरी की बात की। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार 85 प्रतिशत आबादी की अनदेखी कर रही है और फायदा केवल 15 प्रतिशत लोगों को मिल रहा है। कांग्रेस ने इस कार्यक्रम में मंच से प्रस्ताव पारित कर कांशीराम को मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग की।
राजनीतिक रणनीति और आगामी चुनावों पर असर
कांग्रेस का यह कदम राजनीतिक दृष्टि से भी रणनीतिक माना जा रहा है। राहुल गांधी ने इसे पिछड़ा और दलित वर्ग के वोट बैंक को आकर्षित करने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी, भीमराव आंबेडकर और कांशीराम के जीवन में समानता और संघर्ष की भावना ने समाज में स्थायी बदलाव लाया। कार्यक्रम कांग्रेस के ओबीसी और एससी विभागों तथा उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सहयोग से इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग आगामी चुनाव में कांग्रेस के लिए सामाजिक समर्थन बढ़ाने का साधन बन सकती है।

