केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah ने शनिवार को Haridwar के बैरागी कैंप में आयोजित ‘जन जन की सरकार, 4 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम में जनसभा को संबोधित किया। अपने भाषण की शुरुआत उन्होंने उत्तराखंड राज्य आंदोलन की यादों से की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं को अपनी पहचान, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा था। इस संघर्ष के दौरान उन्हें रामपुर तिराहा कांड जैसी दर्दनाक घटनाओं का सामना भी करना पड़ा। अमित शाह ने कहा कि जब केंद्र में भाजपा की सरकार बनी, तब तत्कालीन प्रधानमंत्री Atal Bihari Vajpayee ने उत्तराखंड के साथ-साथ झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे नए राज्यों के गठन का ऐतिहासिक निर्णय लिया। आज ये तीनों राज्य तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहे हैं और देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
विकास की रफ्तार हुई दोगुनी, धामी सरकार की तारीफ
अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के नेतृत्व में उत्तराखंड ने पिछले चार वर्षों में उल्लेखनीय विकास किया है। उन्होंने कहा कि धामी सरकार ने राज्य की कई पुरानी समस्याओं को चुन-चुनकर खत्म करने का काम किया है, जिसके कारण अब उत्तराखंड दोगुनी रफ्तार से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। शाह ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश में न्याय व्यवस्था को आधुनिक और वैज्ञानिक बनाने के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि 2028 तक नई न्याय संहिता पूरी तरह लागू हो जाएगी, जिसके बाद किसी भी मामले में एफआईआर से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक फैसला आने में अधिकतम तीन साल का समय लगेगा। शाह ने इसे दुनिया की सबसे आधुनिक और वैज्ञानिक न्याय प्रणाली की दिशा में बड़ा कदम बताया।

सीएए, राम मंदिर और राष्ट्रीय मुद्दों पर बोले शाह
अमित शाह ने अपने संबोधन में Citizenship Amendment Act का उल्लेख करते हुए भारत की नागरिकता प्राप्त करने वाले शरणार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आने वाले हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन शरणार्थियों का इस देश पर उतना ही अधिकार है जितना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का है। उन्होंने कहा कि ये लोग अपने धर्म और परिवार की रक्षा के लिए भारत आए हैं और सरकार उन्हें नागरिकता देने के अपने फैसले पर अडिग है। इसके साथ ही शाह ने Revocation of Article 370, अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण, बद्रीनाथ-केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण, महाकाल लोक और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर जैसे ऐतिहासिक कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन फैसलों ने देश के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गौरव को नई ऊंचाई दी है।
उत्तराखंड को मिली बड़ी केंद्रीय सहायता, धामी का संबोधन
अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2004 से 2014 के बीच उत्तराखंड को केंद्र सरकार से लगभग 54 हजार करोड़ रुपये की सहायता मिली थी, जबकि उसके बाद से राज्य को केंद्र से एक लाख 87 हजार करोड़ रुपये से अधिक की सहायता मिल चुकी है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से ऑल वेदर रोड, दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर, रेल और सड़क परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के नेतृत्व में देश विकास और सुशासन की नई गाथाएं लिख रहा है। उन्होंने कहा कि धारा 370 हटाने, नागरिकता संशोधन अधिनियम लागू करने और नए आपराधिक कानूनों के माध्यम से देश में न्याय और सुरक्षा की व्यवस्था मजबूत हुई है। मुख्यमंत्री ने हरिद्वार में होने वाले आगामी कुंभ के लिए केंद्र सरकार द्वारा 500 करोड़ रुपये स्वीकृत करने पर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का आभार भी व्यक्त किया।

