उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में कहा कि अगले छह महीने के भीतर एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि इसकी प्रक्रिया 19 सितंबर से शुरू होगी और भर्ती में पारदर्शिता व बिना भेदभाव के चयन पर जोर रहेगा।
6 महीने में एक लाख सरकारी नौकरियों का ऐलान
गोरखपुर में विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं के लिए बड़ा ऐलान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले सरकार एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगी। उनके मुताबिक, इसकी शुरुआत 19 सितंबर से होगी।
योगी आदित्यनाथ ने यह भी दावा किया कि उनकी सरकार के कार्यकाल में अब तक करीब 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। यह आंकड़ा मुख्यमंत्री की ओर से बताया गया है।
19 सितंबर से शुरू होगी प्रक्रिया
मुख्यमंत्री के अनुसार, एक लाख सरकारी नौकरियों के लक्ष्य की प्रक्रिया 19 सितंबर से शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि उत्तर प्रदेश के युवाओं को बिना किसी भेदभाव के रोजगार के अवसर मिलें।

उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता का मुद्दा भी उठाया। मुख्यमंत्री के बयान के मुताबिक, सरकार का फोकस युवाओं को समयबद्ध तरीके से सरकारी सेवाओं में अवसर देने पर है।
TGT-PGT भर्ती का भी किया जिक्र
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों की भर्ती का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि TGT और PGT शिक्षकों की नियुक्ति के विज्ञापन जारी किए गए हैं और आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री ने इसे सरकारी भर्ती प्रक्रिया के तहत युवाओं के लिए उपलब्ध अवसरों के उदाहरण के तौर पर पेश किया।
हालिया रिपोर्टों में भी योगी आदित्यनाथ ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियुक्तियों में अनियमितता से बचने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
2017 से पहले की सरकारों पर साधा निशाना
अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों की भर्ती प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने समाजवादी पार्टी सरकार का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि 2017 से पहले सरकारी नौकरियों में भ्रष्टाचार और राजनीतिक प्रभाव की स्थिति थी।
योगी ने दावा किया कि उस दौर में नौकरी निकलने के बाद कथित तौर पर वसूली होती थी और नियुक्तियां विवादों में फंस जाती थीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई मामलों में अदालतों की ओर से रोक लगने के कारण युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ।
ये मुख्यमंत्री की ओर से पिछली सरकारों के कामकाज को लेकर किए गए राजनीतिक आरोप हैं। संबंधित राजनीतिक दलों की ओर से इन आरोपों पर अलग-अलग प्रतिक्रिया हो सकती है।
कानून व्यवस्था को लेकर सरकार का दावा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश की मौजूदा कानून व्यवस्था का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य अब कर्फ्यू और दंगों से मुक्त है तथा कानून का राज कायम है।
योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हुई है और अब अपराधी खुलेआम धमकी, अपहरण या जबरन वसूली जैसी गतिविधियां नहीं कर सकते।
कानून-व्यवस्था को लेकर ये मुख्यमंत्री के अपने आकलन और सरकार के दावे हैं। इन दावों का मूल्यांकन अलग-अलग आधिकारिक आंकड़ों और स्वतंत्र स्रोतों के आधार पर किया जा सकता है।
रोजगार के मुद्दे पर चुनावी संदर्भ
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले रोजगार और भर्ती प्रक्रिया राजनीतिक चर्चा के प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं। मुख्यमंत्री का एक लाख नई सरकारी नौकरियों का ऐलान इसी संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
हाल के दिनों में मुख्यमंत्री ने युवाओं और रोजगार के मुद्दे पर लगातार सरकारी योजनाओं और भर्ती प्रक्रिया का उल्लेख किया है। अगस्त में भी एक लाख युवाओं को छह महीने में सरकारी नौकरी देने से जुड़ी उनकी घोषणा की रिपोर्ट सामने आई थी।
अब 19 सितंबर से प्रस्तावित प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ती है, किन विभागों में कितने पदों पर भर्ती होती है और चयन प्रक्रिया की समयसीमा क्या रहती है, इस पर युवाओं की नजर रहेगी।
निष्कर्ष
गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य दोहराया है। उन्होंने कहा कि इसकी शुरुआत 19 सितंबर से होगी और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा बिना भेदभाव के चयन पर जोर रहेगा। अब इस घोषणा को लागू करने के लिए जारी होने वाली भर्ती अधिसूचनाओं और विभागवार पदों की जानकारी महत्वपूर्ण होगी।

