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Saturday, November 29, 2025
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RBI MPC Update: रेपो रेट स्थिर 5.50%, कर्ज सस्ता होने का इंतजार और बढ़ा, जानिए पूरी डिटेल

RBI MPC Update: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने बुधवार को नीति ब्याज दर को अपरिवर्तित रखते हुए 5.50 प्रतिशत पर स्थिर रखा। इसका मतलब है कि रेपो रेट सहित अन्य दरें भी यथावत रहेंगी। इस फैसले की घोषणा RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 1 अक्टूबर को MPC की अंतिम बैठक के दिन की। यह निर्णय उपभोक्ताओं के लिए सस्ते ऋणों के इंतजार को लंबा कर देगा। गवर्नर ने अगस्त नीति बैठक के बाद घरेलू आर्थिक परिदृश्य में आए महत्वपूर्ण विकासों की जानकारी दी।

मुद्रास्फीति का रुझान अनुकूल

RBI गवर्नर ने बताया कि हाल के महीनों में समग्र मुद्रास्फीति का रुझान काफी अनुकूल हुआ है। कोर मुद्रास्फीति जून में 3.7% से अगस्त में 3.1% और हाल ही में 2.6% पर आ गई है। इस कमी का मुख्य कारण खाद्य मुद्रास्फीति में गिरावट है। गवर्नर ने यह भी कहा कि GST में कमी का असर अगस्त में अनुमानित से कम रहा। जुलाई में नेट FDI 38 महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया, जो सीमा पार FDI में वृद्धि के कारण हुआ।

आगामी वित्तीय वर्ष के लिए मुद्रास्फीति अनुमान

RBI के नवीनतम अनुमानों के अनुसार FY26 के लिए मुद्रास्फीति को 2.6% पर रखा गया है। इसके अलावा तिमाही आधार पर अनुमान इस प्रकार हैं: Q2FY26 (जुलाई-सितंबर 2025) 1.8%, Q3FY26 (अक्टूबर-दिसंबर 2025) 1.8%, Q4FY26 (जनवरी-मार्च 2026) 4.0%, और Q1FY27 (अप्रैल-जून 2026) 4.5%। इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि मुद्रास्फीति में गिरावट जारी है और खाद्य एवं मूलभूत वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण है।

GDP वृद्धि दर में संशोधन

RBI ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि को 6.8% पर संशोधित किया है, जो पहले के अनुमान 6.5% से अधिक है। तिमाही आधार पर GDP अनुमान इस प्रकार हैं: Q2FY26 7.0%, Q3FY26 6.4%, Q4FY26 6.2%, और Q1FY27 6.4%। यह संकेत देता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था अपेक्षाकृत मजबूत प्रदर्शन कर रही है और विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां सुधरी हुई हैं।

रुपया और बैंकिंग प्रणाली पर नजर

RBI गवर्नर ने कहा कि रुपया की चाल पर लगातार नजर रखी जा रही है। मौद्रिक नीति का प्रभाव विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक रूप से महसूस किया जा रहा है। शेष CRR कटौती से प्रभावकारिता और बढ़ने की उम्मीद है। बैंक और NBFC सिस्टम स्तर के संकेतक सुधर रहे हैं। बैंक ऋण वृद्धि मजबूत है, जो समग्र आर्थिक गतिविधियों का समर्थन करती है। पैसे के बाजार दर स्थिर हैं और औसत दैनिक तरलता 2.1 ट्रिलियन रुपए के अधिशेष स्तर पर बनी हुई है।

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