लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi आज दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं। इसे लेकर दावा किया जा रहा है कि राहुल गांधी इस बार राजनीतिक हलचल मचाने वाला ‘हाइड्रोजन बम’ फोड़ सकते हैं। कांग्रेस ने भी ट्वीट कर लोगों से कहा है कि सीट बेल्ट बांध लीजिए।
मतदाता सूची से नाम गायब करने का आरोप
राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि देशभर में लाखों लोगों के नाम मतदाता सूची से योजनाबद्ध तरीके से हटाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि यह एक सुनियोजित साजिश है जिससे खास तबके के वोटरों को अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। राहुल ने कहा कि यह लोकतंत्र पर सीधा हमला है और इसके खिलाफ वह आवाज उठाते रहेंगे।
कुर्सी की पेटी बांध लीजिए… pic.twitter.com/5MQ2Svj5Kk
— Congress (@INCIndia) September 18, 2025
पटना से शुरू हुई चर्चा
राहुल गांधी ने पहली बार 1 सितंबर को पटना में “वोट अधिकार यात्रा” के समापन समारोह में ‘हाइड्रोजन बम’ शब्द का इस्तेमाल किया था। इसके बाद उन्होंने अपनी संसदीय सीट रायबरेली में भी यह आरोप दोहराया। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल किसी एक राज्य का नहीं बल्कि पूरे देश का है। इससे पहले कर्नाटक के महादेवपुरा में मतदाता सूची गड़बड़ी का आरोप लगाने पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने राहुल को चुनौती दी थी कि या तो सबूत पेश करें या फिर माफी मांगें।
चुनावी धांधली और ईवीएम पर सवाल
राहुल गांधी लंबे समय से चुनावी धांधली के मुद्दे को उठा रहे हैं। वह लगातार ईवीएम की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करते आए हैं। कांग्रेस का कहना है कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी कथित वोट चोरी मामले की दूसरी किस्त पेश कर सकते हैं। इससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्सुकता और भी बढ़ गई है।
क्या होगा राजनीतिक असर?
राहुल गांधी के आरोपों ने विपक्षी राजनीति को नई धार दी है। अगर वे पुख्ता सबूत पेश करते हैं तो यह मुद्दा आगामी चुनावों में बड़ा राजनीतिक हथियार बन सकता है। वहीं भाजपा और सरकार बार-बार इन आरोपों को निराधार बता चुकी है। अब देखना यह होगा कि राहुल गांधी का यह ‘हाइड्रोजन बम’ वाकई भारतीय राजनीति में तूफान लाता है या फिर यह केवल एक बयानबाजी बनकर रह जाता है।

